दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों को बड़ी राहत, नियमितीकरण प्रक्रिया शुरू: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
India की राजधानी Delhi, India में अनधिकृत कॉलोनियों के लाखों निवासियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने मंगलवार (7 अप्रैल) को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राजधानी में अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम से दिल्ली के उन लाखों लोगों को लाभ मिलेगा जो लंबे समय से अपने घरों और बस्तियों के वैध होने का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने इसे सरकार की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि “डबल इंजन सरकार” होने का लाभ अब सीधे दिल्ली के विकास और प्रशासनिक फैसलों में दिखाई दे रहा है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2019 में अनधिकृत कॉलोनियों के लिए केंद्र सरकार की ओर से PM-UDAY Scheme (प्रधानमंत्री अनधिकृत कॉलोनियों में आवासीय अधिकार योजना) लाई गई थी। इस योजना के तहत अब तक लगभग 40,000 ऑथराइजेशन लेटर (प्राधिकरण पत्र) जारी किए जा चुके हैं, जिससे बड़ी संख्या में निवासियों को कानूनी मान्यता की दिशा में कदम बढ़ाने का अवसर मिला है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री Manohar Lal Khattar और दिल्ली के उपराज्यपाल Taranjit Singh Sandhu भी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को दिल्ली के शहरी विकास और बुनियादी ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने से न केवल वहां रहने वाले लोगों को कानूनी अधिकार मिलेंगे, बल्कि इन इलाकों में बेहतर बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, पानी, सीवर और बिजली के विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी नागरिक को अनिश्चितता की स्थिति में न रखा जाए और हर परिवार को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास मिले।
अधिकारियों के अनुसार, नियमितीकरण प्रक्रिया के तहत कॉलोनियों का सर्वे, दस्तावेजों का सत्यापन और तकनीकी मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से कॉलोनियों को कानूनी दर्जा दिया जाएगा।
Government of India की इस योजना को राजधानी के शहरी ढांचे को व्यवस्थित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल संपत्ति विवादों में कमी आएगी, बल्कि रियल एस्टेट बाजार में भी स्थिरता आएगी।
फिलहाल सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि प्रक्रिया पारदर्शी और चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि सभी पात्र निवासियों को इसका लाभ मिल सके।