35 दवाओं के उत्पादन और बिक्री पर रोक
सरकार ने 35 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय इन दवाओं के बिना अनुमति बेचे जाने के मामलों के बाद लिया गया है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस संबंध में, शीर्ष औषधि नियामक संस्था (सीडीएससीओ) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के औषधि नियंत्रकों को पत्र लिखकर 35 अस्वीकृत फिक्स्ड डोज संयोजन दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। इसमें दर्द निवारक, पोषण संबंधी और मधुमेह रोधी दवाएं शामिल हैं।
सीडीएससीओ ने सभी औषधि नियामकों से फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन ड्रग्स (एफडीसी) के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया की समीक्षा करने को कहा है। इसके अलावा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमों के प्रावधानों का भी कड़ाई से अनुपालन किया जाएगा। एफडीसी दवाएं वे हैं जिनमें एक निश्चित अनुपात में दो या अधिक सक्रिय फार्मास्युटिकल लवण होते हैं। पिछले दिनों शीर्ष औषधि नियामक को पता चला है कि कुछ एफडीसी दवाओं को सुरक्षा और प्रभावकारिता मूल्यांकन के बिना ही विनिर्माण, बिक्री और वितरण के लिए लाइसेंस दे दिया गया है। इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) डॉ. राजीव रघुवंशी ने औषधि नियंत्रकों को भेजे पत्र में बिना अनुमति के एफडीसी दवाओं के निर्माण और बिक्री पर चिंता जताई है। उन्होंने 2013 में जारी एक पत्र का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित राज्य लाइसेंसिंग अधिकारियों को कई पत्र जारी किए गए हैं, जिनमें गैर-अनुमोदित एफडीसी के निर्माण और बिक्री की अनुमति दी गई है।
फरवरी 2025 में जारी पत्र में यह भी कहा गया था कि निदेशालय के संज्ञान में आया है कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत सुरक्षा और प्रभावकारिता के पूर्व मूल्यांकन के बिना ही कुछ एफडीसी दवाओं को विनिर्माण, बिक्री और वितरण के लिए लाइसेंस दे दिया गया है। इससे जन स्वास्थ्य और सुरक्षा को गंभीर खतरा है। ऐसी दवाओं को मंजूरी देने से मरीज़ों की सुरक्षा से समझौता होता है। वैज्ञानिक प्रमाणिकरण के अभाव से प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रिया, औषधियों के बीच पारस्परिक क्रिया तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी खतरे उत्पन्न हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ये लाइसेंस संबंधित औषधि लाइसेंसिंग प्राधिकरणों द्वारा प्रदान किए गए थे और इनमें किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ था। इसलिए, औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत एनडीसीटी नियम 2019 के प्रावधान पूरे देश में समान रूप से लागू नहीं हैं। पत्र में कहा गया है कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के औषधि नियंत्रकों को एफडीसी के लिए अपनी अनुमोदन प्रक्रिया की समीक्षा करनी चाहिए और अधिनियम और नियमों के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए। पत्र में 35 अस्वीकृत एफडीसी की भी सूची दी गई है।