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तिहाड़ जेल से बाहर आते ही आशुतोष रांका ने की जेल की तारीफ, बोले- यहां का खाना पसंद आया

 

तिहाड़ जेल में एक सप्ताह से अधिक समय बिताने के बाद बाहर आए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने जेल के अपने अनुभव को लेकर चर्चा छेड़ दी है। जेल से रिहा होने के बाद रांका ने तिहाड़ में मिलने वाले खाने की तारीफ की और कहा कि उन्हें वहां का भोजन पसंद आया। उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब वह और पार्टी के एक अन्य नेता सौरव दास करीब सात दिनों की न्यायिक हिरासत के बाद जेल से बाहर आए हैं। 

सात दिन बाद तिहाड़ जेल से मिली रिहाई

आशुतोष रांका और सौरव दास को 14 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने प्रदर्शन स्थल से जुड़े प्रतिबंधों और शांति बनाए रखने संबंधी निर्देशों का उल्लंघन किया। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया था।दोनों नेताओं की हिरासत की अवधि बाद में बढ़ाई गई। करीब एक सप्ताह जेल में बिताने के बाद 21 अक्टूबर को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने उनकी रिहाई का आदेश दिया। अदालत ने दोनों को 50-50 हजार रुपये के निजी और जमानती बॉन्ड जमा करने तथा शांति बनाए रखने संबंधी लिखित आश्वासन देने की शर्त पर रिहा किया।

जेल के खाने को लेकर चर्चा में आए रांका

जेल से बाहर आने के बाद आशुतोष रांका का तिहाड़ में मिलने वाले भोजन को पसंद करने वाला बयान चर्चा का विषय बन गया है। आमतौर पर जेल के अनुभव को लेकर कैदियों की मुश्किलों और वहां की परिस्थितियों पर चर्चा होती है, लेकिन रांका की ओर से खाने की तारीफ किए जाने ने लोगों का ध्यान खींचा है।तिहाड़ जेल में बंद कैदियों को सामान्य तौर पर निर्धारित व्यवस्था के तहत भोजन दिया जाता है। रिपोर्टों के मुताबिक, रांका और सौरव दास को भी अन्य विचाराधीन कैदियों की तरह सामान्य भोजन उपलब्ध कराया गया था। हालांकि, रांका के बयान के पीछे का पूरा संदर्भ और भोजन को लेकर उनकी विस्तृत टिप्पणी की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। 

जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है मामला

CJP के दोनों नेताओं की गिरफ्तारी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और वहां लागू प्रतिबंधों से जुड़े मामले में हुई थी। पुलिस ने उनकी हिरासत बढ़ाने की मांग करते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर आशंकाएं जताई थीं। वहीं, दोनों नेताओं की ओर से कानूनी प्रक्रिया के तहत राहत मांगी गई।रिहाई के दौरान दोनों ने लिखित आश्वासन दिया कि जंतर-मंतर को विधिवत प्रदर्शन स्थल घोषित किए जाने तक वे वहां प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे और शांति व्यवस्था बनाए रखेंगे। अदालत ने बॉन्ड और निर्धारित शर्तों के आधार पर उनकी रिहाई का आदेश दिया।

रिहाई के बाद समर्थकों में खुशी

दोनों नेताओं के जेल से बाहर आने के बाद CJP के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने खुशी जताई। रिहाई के समय आशुतोष रांका ने 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे भी लगाए। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं की रिहाई का स्वागत किया।फिलहाल, तिहाड़ जेल में बिताए समय और वहां के खाने को लेकर रांका की टिप्पणी चर्चा में है। उनके बयान के साथ-साथ जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े मामले की कानूनी प्रक्रिया भी आगे जारी रहेगी।