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आर.के. आश्रम मेट्रो स्टेशन के पास 40 पेड़ों के स्थानांतरण को मिली मंज़ूरी

 

नई दिल्ली में दिल्ली फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने रेट.के. आश्रम (RK Ashram) मेट्रो स्टेशन के पास 40 पेड़ों को स्थानांतरित करने (ट्री ट्रांसप्लांट) की अनुमति दे दी है, ताकि डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन) की फेज-IV मेट्रो निर्माण परियोजना के सुचारू कार्य में पेड़ों को नुकसान न पहुंचे। इस अनुमति से पर्यावरण सुरक्षा और आवश्यक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

🌳 क्या है योजना का अहम हिस्सा?

  • दिल्ली वन विभाग ने दो अलग-अलग आदेश जारी कर 40 पेड़ों के स्थानांतरण की मंज़ूरी दी है, जो
    ▶ 14 पेड़ कंपनीओवर (crossover) निर्माण के लिये,
    ▶ 26 पेड़ बॉक्स पुशिंग शाफ्ट (box pushing shaft) के लिये आवश्यक हैं — दोनों कार्य आर.के. आश्रम मेट्रो स्टेशन के पास हो रहे हैं।

  • प्रारंभिक स्थल निरीक्षण के बाद इन पेड़ों को मौजूदा निर्माण क्षेत्र से स्थानांतरित करने की अनुमति दी गई है।

🌱 क्या शर्तें लागू हैं?

पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये इन शर्तों का पालन अनिवार्य है:
✅ कम्पेनसेटरी (प्रतिपूर्ति) प्लांटेशन: DMRC को प्रतिदिन स्थांतरित पेड़ों के 10 गुना यानी 400 पौधों की कम्पेनसेटरी (प्रतिपूर्ति) plantation करनी होगी।
✅ भुगतान सुरक्षा: ट्रांसप्लांटेशन के लिये DMRC ने निर्धारित सुरक्षा राशि भी जमा कराई है, जो कार्य की जिम्मेदारी सुनिश्चित करती है।
✅ आदेशों के तहत रिपोर्टिंग: ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों को जीओ-टैग किया जाएगा और प्रगति रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को जमा करनी होगी।

🛠️ प्रोजेक्ट और पर्यावरण संतुलन

यह कार्रवाई दिल्ली में चल रहे मेट्रो परियोजनाओं के विकास के साथ-साथ हरी आवरण संरक्षण के नियमों के अनुरूप है। डायनामिक और शहरी परियोजनाओं में पेड़ों का संरक्षण और प्रतिपूर्ति हमेशा एक गंभीर मुद्दा होता है, और इस अनुमति में यह संतुलन बरकरार रखने का प्रयास दिखता है।

🌏 पर्यावरण और शहरी विकास

इस तरह के पेड़ स्थानांतरण आदेश केवल निर्माण की सुविधा के लिये नहीं होते, बल्कि यह वन संरक्षण कानून — जैसे डेल्ही प्रिजर्वेशन ऑफ ट्रीज़ एक्ट, 1994 — के तहत भी आवश्यक हैं ताकि विकास के दौरान पर्यावरणीय संतुलन सुरक्षित रहे।