दिल्ली में ‘दूध चोर गैंग’ का भंडाफोड़, एंटी नारकोटिक्स टीम की बड़ी कार्रवाई में दो गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टीम ने एक हैरान करने वाली और अनोखी आपराधिक गतिविधि का खुलासा करते हुए एक तथाकथित ‘दूध चोर गैंग’ का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में लंबे समय से चल रही दूध और डेयरी उत्पादों की चोरी की घटनाओं पर बड़ा पर्दा उठ गया है।
पुलिस के अनुसार, यह गैंग खास तौर पर पश्चिमी दिल्ली के Uttam Nagar और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य सुबह-सुबह दूध सप्लाई करने वाले वाहनों को निशाना बनाते थे। वे पहले रेकी करते और फिर सही मौका देखकर दूध-दही की क्रेट्स को चुराकर फरार हो जाते थे।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह संगठित तरीके से काम करता था। कुछ सदस्य वाहन चालकों पर नजर रखते थे, जबकि अन्य लोग चोरी की गई क्रेट्स को तेजी से दूसरी जगह पहुंचाने का काम करते थे। चोरी का यह पूरा तरीका इतना सुनियोजित था कि शुरुआती दौर में पुलिस को भी इन घटनाओं का सुराग लगाना मुश्किल हो रहा था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में तब अहम मोड़ आया जब पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इस वीडियो में कुछ संदिग्ध लोग दूध सप्लाई वाहन के पास से क्रेट्स उठाकर भागते हुए दिखाई दे रहे थे। वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने भी लगातार शिकायतें दर्ज करानी शुरू कर दीं।
इसी आधार पर दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टीम ने तकनीकी जांच और इलाके की निगरानी शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की और एक विशेष अभियान चलाकर दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया।
Delhi Police के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके अन्य साथियों की तलाश भी की जा रही है। शुरुआती पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि यह गिरोह चोरी किए गए डेयरी उत्पादों को स्थानीय बाजारों में कम कीमत पर बेच देता था।
पुलिस का कहना है कि इस तरह की छोटी दिखने वाली चोरी की घटनाएं भी संगठित अपराध का रूप ले सकती हैं, जिससे स्थानीय सप्लाई चेन और व्यापारियों को नुकसान होता है। इसलिए इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तेजी से कार्रवाई की गई।
स्थानीय डेयरी सप्लायर्स ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि अब इस तरह की घटनाओं पर रोक लगेगी। वहीं, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साझा करें ताकि अपराध पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गैंग में और कितने लोग शामिल हैं तथा यह चोरी का माल कहां-कहां सप्लाई किया जाता था।