अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन ने उम्रकैद की सजा को हाईकोर्ट में दी चुनौती, दिल्ली पुलिस को नोटिस
उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन ने अपनी उम्रकैद की सजा को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने उनकी अपील को स्वीकार करते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति विकास महाजन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस से संबंधित रिकॉर्ड और जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने इस मामले को अन्य दोषियों की अपीलों के साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होने की संभावना है।
कड़कड़डूमा कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा
अंकित शर्मा हत्याकांड में दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस मामले में ताहिर हुसैन के अलावा नाजिम, कासिम, अनस और जावेद को भी उम्रकैद की सजा दी गई थी।
अदालत में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
ताहिर हुसैन ने उठाए जांच और सबूतों पर सवाल
हाईकोर्ट में दायर अपील में ताहिर हुसैन ने अपनी दोषसिद्धि और सजा को चुनौती दी है। उनके वकील ने दलील दी कि उन्हें केवल एक मुख्य अपराध के लिए दोषी ठहराया गया, जबकि अन्य आरोपों में उनकी भूमिका सहायता या उकसावे तक सीमित बताई गई थी।
बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि निचली अदालत ने कुछ गवाहों के बयानों और सबूतों का सही तरीके से मूल्यांकन नहीं किया। ताहिर हुसैन की ओर से कहा गया है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों और सबूतों की दोबारा समीक्षा की जानी चाहिए।
2020 दिल्ली दंगों के दौरान हुई थी अंकित शर्मा की हत्या
अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान हुई थी। उनका शव दयालपुर इलाके के एक नाले से बरामद किया गया था। इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने की थी।
पुलिस जांच के दौरान ताहिर हुसैन समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। अदालत में लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद निचली अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराया था।
अब हाईकोर्ट में होगी आगे की सुनवाई
हाईकोर्ट के नोटिस के बाद अब दिल्ली पुलिस को ताहिर हुसैन की अपील पर अपना पक्ष रखना होगा। इसके बाद अदालत मामले में आगे की सुनवाई करेगी।
इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला यह तय करेगा कि निचली अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा बरकरार रहेगी या उसमें कोई बदलाव होगा। फिलहाल ताहिर हुसैन की अपील पर न्यायिक प्रक्रिया जारी है।