गाजियाबाद में एंबुलेंस चालक के इनकार से घायल युवक की मौत का आरोप, डॉक्टरों ने दिल्ली किया था रेफर
गाजियाबाद में ट्रेन हादसे में गंभीर रूप से घायल एक युवक की मौत के बाद एंबुलेंस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि एमएमजी अस्पताल के डॉक्टरों ने युवक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे दिल्ली रेफर किया था, लेकिन एंबुलेंस चालक ने उसे दिल्ली ले जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद युवक की अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज के दौरान मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार युवक ट्रेन हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ था। हादसे के बाद उसे इलाज के लिए गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसकी हालत गंभीर बताई और बेहतर उपचार के लिए दिल्ली के अस्पताल में रेफर करने का निर्णय लिया।
एंबुलेंस चालक पर इनकार का आरोप
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा दिल्ली रेफर किए जाने के बाद युवक को वहां ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। हालांकि एंबुलेंस चालक ने युवक को दिल्ली ले जाने से कथित तौर पर इनकार कर दिया।
परिजन युवक को जल्द से जल्द दिल्ली ले जाकर बेहतर इलाज कराना चाहते थे। इसी दौरान समय बीतता गया और युवक की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। बाद में एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों में आक्रोश
युवक की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। उनका आरोप है कि यदि समय रहते युवक को दिल्ली पहुंचाया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। परिजनों ने एंबुलेंस चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना ने सरकारी अस्पतालों में गंभीर मरीजों को रेफर किए जाने के बाद उपलब्ध कराई जाने वाली एंबुलेंस सुविधा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए समय पर उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
मामले में यह जांच का विषय है कि डॉक्टरों ने युवक को किस कारण दिल्ली रेफर किया था और एंबुलेंस चालक ने उसे ले जाने से इनकार क्यों किया। अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले की जानकारी जुटाई जा सकती है।
युवक की मौत के बाद अब परिजन पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यदि जांच में एंबुलेंस चालक की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल युवक की मौत से परिवार में मातम है और मामले में सामने आए आरोपों की जांच का इंतजार किया जा रहा है।