दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में सुधार, GRAP-3 की पाबंदियां हटीं
राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार के चलते ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लागू स्टेज-3 पाबंदियों को गुरुवार से हटा दिया गया। यह निर्णय एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) ने लिया, क्योंकि शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 332 तक सुधार गया।
सीएक्यूएम के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में हवा की गुणवत्ता में धीरे-धीरे सुधार देखा गया है। इसके चलते वाहनों और उद्योगों पर लागू की गई कड़ी पाबंदियों में ढील दी जा रही है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि पाबंदियों को हटाने के बावजूद नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में AQI ‘मध्यम’ से ‘खराब’ श्रेणी में रहने की संभावना है।
पिछले सप्ताह दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता काफी खराब थी। ठंड और धुंध के चलते शहर में PM2.5 और PM10 प्रदूषण कणों का स्तर अधिक बढ़ गया था। इसके परिणामस्वरूप, शहर में GRAP-3 के तहत वाहनों की संख्या सीमित करना, निर्माण कार्यों पर रोक और धूल फैलाने वाली गतिविधियों पर पाबंदी जैसी कड़े कदम उठाए गए थे।
हालांकि, गुरुवार को स्थिति में सुधार देखा गया। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की गुणवत्ता में सुधार का मुख्य कारण पश्चिमी हवाओं का बहाव, बारिश के छींटे और उद्योगों से उत्सर्जन में कमी रही। इसके अलावा, नागरिकों द्वारा पर्यावरण मित्र गतिविधियों जैसे कम वाहन इस्तेमाल और पटाखों से बचाव ने भी सकारात्मक असर डाला।
वायु गुणवत्ता में सुधार के बावजूद अधिकारियों ने आगाह किया है कि अचानक मौसम परिवर्तन, धूल भरी हवाएं और सर्द हवाओं के कारण प्रदूषण स्तर दोबारा बढ़ सकता है। इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि यदि हवा की गुणवत्ता खराब हो, तो घर के अंदर रहें, मास्क पहनें और प्रदूषण संवेदनशील समूहों का विशेष ध्यान रखें।
राजधानीवासियों ने पाबंदियों के हटने को राहत की खबर बताया है। व्यापारी और छोटे उद्योग अब सामान्य रूप से कार्य फिर से शुरू कर सकते हैं। हालांकि पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक उपाय और सतत निगरानी की आवश्यकता है, ताकि दिल्ली में वायु प्रदूषण को स्थायी रूप से कम किया जा सके।
कुल मिलाकर, गुरुवार को हवा की गुणवत्ता में सुधार के चलते GRAP-3 स्टेज पाबंदियों को हटाया गया, जिससे दैनिक जीवन और आर्थिक गतिविधियों पर सकारात्मक असर पड़ा है। फिर भी अधिकारियों ने आगाह किया कि आने वाले दिनों में AQI में उतार-चढ़ाव हो सकता है, इसलिए सतर्क रहना और प्रदूषण नियंत्रण उपायों का पालन करना अनिवार्य है।