अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक को दरकिनार करने के आरोपों को किया खारिज, बोले- आगे भी लेते रहेंगे मार्गदर्शन
आंदोलन के बाद सोनम वांगचुक को लेकर उठ रहे सवालों पर अभिजीत दीपके ने सफाई दी है। दीपके ने उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि आंदोलन के बाद सीजेपी ने सोनम वांगचुक को दरकिनार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वांगचुक के साथ उनका जुड़ाव आगे भी बना रहेगा और वह उनसे लगातार मार्गदर्शन लेते रहेंगे।
अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक का अनुभव और उनकी सोच सामाजिक मुद्दों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन या अभियान में अलग-अलग लोगों की जिम्मेदारियां अलग हो सकती हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि किसी के योगदान को नजरअंदाज किया जा रहा है।
दीपके का यह बयान उन चर्चाओं के बीच आया है, जिनमें आंदोलन के बाद सीजेपी और सोनम वांगचुक के बीच कथित दूरी को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर इस तरह की चर्चाएं थीं कि संगठन ने वांगचुक से दूरी बना ली है। हालांकि, दीपके ने इन दावों को गलत बताते हुए कहा कि वांगचुक का मार्गदर्शन पहले की तरह महत्वपूर्ण बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक लंबे समय से सामाजिक, पर्यावरणीय और जनहित से जुड़े मुद्दों पर काम करते रहे हैं। उनके अनुभव से सीख लेना और उनकी सलाह को महत्व देना आगे भी जारी रहेगा।
दीपके ने यह भी संकेत दिया कि किसी भी आंदोलन की दिशा तय करने में संवाद और सहयोग की भूमिका अहम होती है। उन्होंने कहा कि अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन किसी भी पहल को मजबूत बनाने में मदद करता है और इसी भावना के साथ वह आगे भी वांगचुक से सलाह लेते रहेंगे।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक अपने सामाजिक अभियानों और लद्दाख से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे हैं। उनके विचारों और आंदोलनों को लेकर देशभर में लोगों की रुचि बनी रहती है। ऐसे में आंदोलन के बाद उनकी भूमिका को लेकर उठे सवालों पर अभिजीत दीपके का यह बयान स्थिति स्पष्ट करने वाला माना जा रहा है।
दीपके ने दोहराया कि सोनम वांगचुक के साथ सहयोग और संवाद जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वह वांगचुक के अनुभव और मार्गदर्शन का लाभ लेते रहेंगे।