ग्रेटर नोएडा वेस्ट से जेवर एयरपोर्ट तक बनेगी 130 मीटर चौड़ी सड़क, चार एक्सप्रेसवे से मिलेगी कनेक्टिविटी; NHAI करेगा निर्माण
ग्रेटर नोएडा वेस्ट से जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान बनाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने नई सड़क परियोजना की योजना बनाई है। इसके तहत ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक से सिरसा तक बनी 130 मीटर चौड़ी सड़क को आगे एयरपोर्ट तक जोड़ा जाएगा। यमुना प्राधिकरण ने इस सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को देने का निर्णय लिया है। परियोजना से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों के लोगों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा।
करीब 25 किलोमीटर लंबी होगी नई सड़क
योजना के मुताबिक, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में करीब 25 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। यह मार्ग सिरसा से शुरू होकर अलौदा और यमुना सिटी के प्रस्तावित सेक्टरों से गुजरते हुए जेवर एयरपोर्ट के कार्गो और एविएशन हब तक पहुंचेगा। इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक से एयरपोर्ट तक सीधा संपर्क विकसित करने में मदद मिलेगी।
परियोजना के लिए लगभग 812 एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है। इसमें भूमि अधिग्रहण पर करीब 1,400 करोड़ रुपये और निर्माण कार्य पर 300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
चार एक्सप्रेसवे से जुड़ने की तैयारी
इस सड़क का उद्देश्य एयरपोर्ट को क्षेत्र के प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ना भी है। प्रस्तावित मार्ग के जरिए यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के आसपास की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। आगे प्रस्तावित पलवल-खुर्जा एक्सप्रेसवे से संपर्क बनने पर क्षेत्रीय आवागमन और माल ढुलाई को भी फायदा मिल सकता है।
हालांकि, सभी एक्सप्रेसवे से निर्बाध सीधा संपर्क विकसित करने के लिए संबंधित इंटरचेंज, लिंक रोड और अन्य निर्माण कार्यों की जरूरत होगी। इसलिए अंतिम कनेक्टिविटी परियोजना के निर्माण और संबंधित प्राधिकरणों के बीच समन्वय पर निर्भर करेगी।
भूमि अधिग्रहण और कनेक्टिविटी बनी चुनौती
इस परियोजना को पूरा करने के लिए केवल यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में सड़क बनाना पर्याप्त नहीं होगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के क्षेत्र में सिरसा तक बनी सड़क को आगे जोड़ना भी जरूरी है। अगस्त 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, सिरसा से यमुना प्राधिकरण की सीमा तक सड़क विस्तार, जमीन के मुआवजे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर निर्णय होना बाकी था।
दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को मिलेगा फायदा
नई सड़क तैयार होने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को एक वैकल्पिक मार्ग मिल सकता है। इससे यमुना एक्सप्रेसवे पर यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। एयरपोर्ट के कार्गो हब तक बेहतर सड़क संपर्क से माल परिवहन और आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों को भी लाभ मिल सकता है।
फिलहाल परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए भूमि अधिग्रहण, सड़क के अंतिम अलाइनमेंट और दोनों प्राधिकरणों के बीच कनेक्टिविटी से जुड़े कार्य महत्वपूर्ण हैं। निर्माण की समयसीमा और सड़क चालू होने की तारीख की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यात्रियों को इसका लाभ कब से मिलना शुरू होगा।