☰
×

दिल्ली में बनेगा 8 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर! मुंडका से पीरागढ़ी तक सफर होगा आसान, हरियाणा से आने वाले भारी वाहनों को मिलेगा बाईपास

 

पश्चिमी दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) एक नए एलिवेटेड कॉरिडोर की योजना पर विचार कर रहा है। प्रस्तावित कॉरिडोर मुंडका से पीरागढ़ी के बीच बनाया जा सकता है। इसकी लंबाई करीब 8 किलोमीटर होने की संभावना है। खास बात यह है कि इसे अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 यानी UER-2 से भी जोड़े जाने की योजना है।

इस कॉरिडोर के तैयार होने के बाद हरियाणा की तरफ से दिल्ली में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों को शहर के अंदरूनी और व्यस्त हिस्सों से होकर गुजरने की जरूरत कम हो सकती है। उन्हें सीधे बाईपास मार्ग उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे पश्चिमी दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

मुंडका से पीरागढ़ी के बीच प्रस्ताव

NHAI की ओर से प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर मुंडका से पीरागढ़ी तक करीब 8 किलोमीटर लंबा हो सकता है। फिलहाल परियोजना पर विचार और संबंधित पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। कॉरिडोर के निर्माण से पहले इसकी तकनीकी व्यवहार्यता, यातायात दबाव और अन्य जरूरी पहलुओं का आकलन किया जाएगा।

UER-2 से जुड़ेगा कॉरिडोर

प्रस्तावित कॉरिडोर को UER-2 से जोड़ने की योजना भी बताई जा रही है। UER-2 दिल्ली के बाहरी हिस्सों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल है। इससे नए एलिवेटेड कॉरिडोर को बड़े सड़क नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिल सकती है।

भारी वाहनों को मिलेगा सीधा बाईपास

इस परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य हरियाणा से दिल्ली आने वाले भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना है। वर्तमान में भारी वाहनों की आवाजाही से पश्चिमी दिल्ली के कई हिस्सों में यातायात का दबाव बढ़ता है। नया कॉरिडोर तैयार होने पर ऐसे वाहनों को शहर के व्यस्त हिस्सों से बचाकर बाईपास मार्ग दिया जा सकेगा।

यदि परियोजना को मंजूरी मिलती है और इसका निर्माण पूरा होता है, तो पश्चिमी दिल्ली में यातायात प्रबंधन को लेकर बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, परियोजना की अंतिम मंजूरी, निर्माण की समयसीमा और लागत से जुड़ी जानकारी आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।