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दिल्ली की 1.40 लाख छात्राओं को मिलेगी साइकिल: 9वीं कक्षा की बेटियों के लिए ‘विद्या वाहिनी योजना’, CM रेखा गुप्ता बोलीं- शिक्षा में निवेश ही भविष्य की नींव

 

दिल्ली सरकार ने छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इस वर्ष राजधानी की 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली करीब 1.40 लाख छात्राओं को ‘विद्या वाहिनी योजना’ के तहत साइकिलें दी जाएंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल को बेटियों की शिक्षा और उनके आत्मनिर्भर भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि बालिकाओं की शिक्षा में किया गया निवेश समाज के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगा।

सरकार का मानना है कि कई छात्राओं के सामने स्कूल आने-जाने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन की समस्या रहती है। साइकिल मिलने से उन्हें स्कूल तक पहुंचने में सुविधा होगी और पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा।

9वीं कक्षा की छात्राओं को मिलेगा लाभ

‘विद्या वाहिनी योजना’ के तहत इस वर्ष करीब 1.40 लाख छात्राओं को साइकिलें उपलब्ध कराने की योजना है। योजना का उद्देश्य छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए परिवहन का एक सुविधाजनक साधन उपलब्ध कराना है।खास तौर पर उन छात्राओं के लिए यह पहल उपयोगी हो सकती है, जिन्हें घर से स्कूल तक पहुंचने में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। साइकिल से उनकी यात्रा आसान होने के साथ समय की भी बचत होगी।

बेटियों की शिक्षा पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने योजना को लेकर कहा कि बेटियों की शिक्षा केवल उनके व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना आने वाली पीढ़ियों को मजबूत बनाने की दिशा में निवेश है।सरकार की कोशिश है कि आर्थिक या परिवहन संबंधी किसी परेशानी के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो। साइकिल वितरण जैसी योजनाओं के जरिए स्कूल जाने वाली बेटियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है।

स्कूल पहुंचने में होगी आसानी

कई इलाकों में छात्राओं को स्कूल पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। सार्वजनिक परिवहन की सीमित सुविधा या नियमित यात्रा में होने वाली परेशानी के कारण भी छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।ऐसे में साइकिल मिलने से छात्राएं अपने स्कूल तक अपेक्षाकृत आसानी से पहुंच सकेंगी। इससे उनकी नियमित उपस्थिति में सुधार और पढ़ाई के प्रति निरंतरता बढ़ने की उम्मीद है।

शिक्षा के साथ आत्मनिर्भरता का संदेश

सरकार इस योजना को केवल साइकिल वितरण तक सीमित नहीं मान रही है। इसका उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना को भी बढ़ावा देना है। अपनी यात्रा के लिए स्वयं साइकिल का इस्तेमाल करने से छात्राओं को स्वतंत्र रूप से स्कूल आने-जाने का अवसर मिलेगा।दिल्ली सरकार के अनुसार, बेटियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सामाजिक विकास के लिए जरूरी है। इस वर्ष करीब 1.40 लाख छात्राओं को साइकिल देने की योजना इसी दिशा में एक कदम है, जिससे बड़ी संख्या में छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।