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केरल में नए मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस में मंथन, अंतिम फैसला खड़गे और राहुल गांधी करेंगे: दीपा दासमुंशी

 

केरल में संभावित नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कांग्रेस के भीतर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच पार्टी महासचिव Deepa Dasmunsi ने बयान दिया है कि राज्य के नए मुख्यमंत्री को लेकर अंतिम निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और वरिष्ठ नेता Rahul Gandhi मिलकर करेंगे।

दीपा दासमुंशी ने कहा कि यह निर्णय संगठनात्मक प्रक्रिया और राज्य इकाई के विचार-विमर्श के बाद लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर सभी प्रमुख नेताओं से चर्चा की जा रही है और केरल में नेतृत्व को लेकर कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस पार्टी केरल में अपने संगठन को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। राज्य में राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी चुनावी समीकरणों को देखते हुए नेतृत्व चयन को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पार्टी नेतृत्व का मानना है कि केरल जैसे राजनीतिक रूप से सक्रिय राज्य में मुख्यमंत्री पद के लिए ऐसा चेहरा चुना जाना चाहिए जो संगठन को एकजुट रख सके और जनता के बीच मजबूत पकड़ बना सके। इसी वजह से निर्णय को शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर केंद्रित किया गया है।

नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में इस मुद्दे पर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। राज्य के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय पर्यवेक्षकों से भी राय ली जा रही है। संगठनात्मक रिपोर्ट और जमीनी फीडबैक के आधार पर ही अंतिम नाम पर मुहर लगाई जाएगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस इस समय कई राज्यों में अपनी रणनीति को पुनर्गठित कर रही है और केरल उसमें एक अहम केंद्र बना हुआ है। ऐसे में मुख्यमंत्री चयन केवल राज्य स्तर का निर्णय नहीं बल्कि राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।

वहीं पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का यह भी कहना है कि नेतृत्व चयन में सामाजिक समीकरण, प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता जैसे पहलुओं को प्रमुखता दी जा रही है।

हालांकि अभी तक किसी भी संभावित नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सभी चर्चाएं प्रारंभिक चरण में हैं और अंतिम निर्णय उचित प्रक्रिया के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा।

कुल मिलाकर, केरल में नए मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रही यह कवायद पार्टी की आगामी रणनीति और राज्य में उसकी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।