भाई की मौत का रहस्य जानने की चाह बनी ठगी का जाल, रायपुर के कथित तांत्रिक ने कारोबारी से 40 लाख और लग्जरी SUV ऐंठी
भाई की संदिग्ध मौत का सच जानने की कोशिश एक कारोबारी के लिए भारी पड़ गई। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी एक व्यवसायी को रायपुर के एक कथित तांत्रिक ने तंत्र-मंत्र और विशेष साधना के नाम पर लाखों रुपये की चपत लगा दी। आरोपी ने कारोबारी को भरोसा दिलाया कि वह आध्यात्मिक शक्तियों के जरिए उसके भाई की मौत का रहस्य उजागर कर देगा। इसी झांसे में आकर पीड़ित ने करीब 40 लाख रुपये और एक लग्जरी एसयूवी तक आरोपी को सौंप दी।
जानकारी के अनुसार कारोबारी अपने भाई की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से बेहद परेशान था और घटना के पीछे की सच्चाई जानना चाहता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात रायपुर के एक स्वयंभू तांत्रिक से हुई। आरोपी ने दावा किया कि विशेष तांत्रिक साधना और अनुष्ठान के माध्यम से वह मृत व्यक्ति से जुड़ी सच्चाई सामने ला सकता है और पूरे मामले का खुलासा कर देगा।
तांत्रिक ने कारोबारी का विश्वास जीतने के लिए कई तरह के धार्मिक अनुष्ठानों और गुप्त साधनाओं का हवाला दिया। उसने कहा कि इस विशेष प्रक्रिया में भारी धनराशि और कुछ विशेष सामग्री की आवश्यकता होगी। कारोबारी उसकी बातों में आता गया और किस्तों में बड़ी रकम देता रहा। इतना ही नहीं, आरोपी ने लग्जरी एसयूवी की भी मांग की, जिसे कारोबारी ने उसके हवाले कर दिया।
समय बीतने के बावजूद जब तांत्रिक अपने किसी भी दावे को पूरा नहीं कर सका और लगातार नई-नई मांगें करने लगा, तब कारोबारी को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। इसके बाद उसने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। शिकायत में कारोबारी ने आरोप लगाया कि तांत्रिक ने भावनात्मक कमजोरी का फायदा उठाकर उससे करीब 40 लाख रुपये और एक महंगी एसयूवी ठग ली।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध दस्तावेजों, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के चमत्कार, तंत्र-मंत्र या अलौकिक शक्तियों के दावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। भावनात्मक परिस्थितियों का फायदा उठाकर ठगी करने वाले गिरोह और फर्जी तांत्रिक अक्सर लोगों की मजबूरी का लाभ उठाते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी तरह का आर्थिक लेन-देन करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना आवश्यक है।
यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि दुख और संकट की घड़ी में लोग आसानी से ठगों के निशाने पर आ सकते हैं। विशेषज्ञों का भी मानना है कि किसी भी संदिग्ध घटना की सच्चाई जानने के लिए कानूनी और वैज्ञानिक जांच पर भरोसा करना चाहिए, न कि चमत्कार और तंत्र-मंत्र के नाम पर किए जाने वाले दावों पर। पुलिस अब पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपी की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।