सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में 3 दोषियों को फांसी, एक को उम्रकैद; 725 दिन बाद आया फैसला, कोर्ट ने कहा- सुधार की संभावना नहीं
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में हुए चर्चित मां-बेटी हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई, जबकि एक अन्य दोषी को उम्रकैद की सजा दी गई। करीब 725 दिनों तक चले इस मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने अपराध की गंभीरता और दोषियों के व्यवहार को ध्यान में रखा। मामले की सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था।
अदालत ने अपने फैसले में दोषियों के आचरण पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस तरह से उन्होंने अपराध के बाद व्यवहार किया, उससे उनके सुधरने की संभावना नहीं दिखाई देती। हालांकि, फांसी की सजा के मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
क्या था सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड?
सूरजपुर में मां और बेटी की हत्या का यह मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। मामले में आरोपियों की भूमिका, घटनाक्रम और हत्या के पीछे की वजह की जांच की गई। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को अदालत के सामने रखा गया।
अभियोजन पक्ष ने मामले को गंभीर अपराध बताते हुए दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की। अदालत ने सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों पर विचार करने के बाद चार आरोपियों को दोषी ठहराया। इनमें तीन को मृत्युदंड और एक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।