अतिथि व्याख्याता भर्ती में बदला नियम, समान अंक होने पर छत्तीसगढ़ के मूल निवासी को मिलेगी वरीयता
छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याता की नियुक्ति से जुड़ी नीति में संशोधन किया गया है। अतिथि व्याख्याता नीति-2024 की संशोधित व्यवस्था में पूर्व के प्रावधान को और अधिक स्पष्ट किया गया है। नए प्रावधान के अनुसार, यदि मेधा सूची में एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक समान रहते हैं, तो ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी।
संशोधित नीति का उद्देश्य समान अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के बीच वरीयता तय करने की प्रक्रिया को स्पष्ट करना है। अब मेधा सूची तैयार करते समय यदि एक ही श्रेणी के दो उम्मीदवारों के अंक बराबर आते हैं, तो उनके बीच चयन के लिए छत्तीसगढ़ के मूल निवासी होने के आधार को ध्यान में रखा जाएगा।
मेधा सूची में समान अंक होने पर लागू होगा नियम
नीति में किए गए बदलाव के अनुसार, यह प्रावधान उस स्थिति में लागू होगा जब दोनों अभ्यर्थी एक ही श्रेणी से संबंधित हों और उनके प्राप्तांक समान हों। ऐसे मामलों में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को प्राथमिकता मिलेगी।
इस बदलाव से अतिथि व्याख्याता नियुक्ति की प्रक्रिया में समान अंक वाले उम्मीदवारों के बीच वरीयता तय करने को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। इससे चयन प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों के लिए भी निर्णय लेने का आधार निर्धारित रहेगा।
शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याता नियुक्ति
राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति की जाती है। इसके लिए अभ्यर्थियों की योग्यता और निर्धारित मापदंडों के आधार पर मेधा सूची तैयार की जाती है।
संशोधित नीति में पूर्व की व्यवस्था को स्पष्ट करते हुए समान अंक की स्थिति के लिए छत्तीसगढ़ के मूल निवासी को वरीयता देने का प्रावधान जोड़ा गया है। अब नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान ऐसी स्थिति सामने आने पर संशोधित नियम के अनुसार वरीयता तय की जाएगी।
अतिथि व्याख्याता नीति-2024 में किए गए इस संशोधन के बाद अभ्यर्थियों के बीच मेधा सूची तैयार करने और समान अंक होने की स्थिति में चयन की प्रक्रिया को लेकर अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है।