राजस्थान को बिजली संकट के बीच बड़ी राहत, हसदेव-अरण्य कोल ब्लॉक से मिलेगी कोयले की आपूर्ति
राजस्थान में बिजली की बढ़ती मांग और कोयले की संभावित कमी के बीच राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) को छत्तीसगढ़ के सरगुजा स्थित हसदेव-अरण्य क्षेत्र में केंते एक्सटेंशन ओपन कास्ट कोल ब्लॉक के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है।
इस फैसले को राज्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। लंबे समय से राजस्थान में बिजली उत्पादन इकाइयों के लिए कोयले की पर्याप्त आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई थी, खासकर गर्मियों में जब मांग अचानक बढ़ जाती है।
सूत्रों के अनुसार, इस कोल ब्लॉक से कोयले की नियमित आपूर्ति शुरू होने पर राज्य के थर्मल पावर प्लांट्स को स्थिर ईंधन मिल सकेगा। इससे बिजली उत्पादन में रुकावट की संभावना कम होगी और सप्लाई व्यवस्था अधिक मजबूत हो सकेगी।
राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना राज्य के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। इससे न केवल बिजली उत्पादन क्षमता को मजबूती मिलेगी, बल्कि कोयले की लागत और लॉजिस्टिक्स पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
पिछले कुछ वर्षों में देशभर में कोयले की आपूर्ति और स्टॉक को लेकर कई बार अस्थिरता देखने को मिली है। ऐसे में इस मंजूरी को राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, इस कोल ब्लॉक से पूर्ण उत्पादन और नियमित आपूर्ति शुरू होने में अभी समय लग सकता है, लेकिन शुरुआती मंजूरी को सरकार एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है।
फिलहाल ऊर्जा विभाग इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि भविष्य में बिजली संकट की स्थिति से बचा जा सके और राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।