रायपुर में कैंसर पीड़ित लेक्चरर को मदद में देरी पर कार्रवाई, बाबू निलंबित
राजधानी रायपुर में एक कैंसर से जूझ रही महिला लेक्चरर को समय पर सहायता नहीं मिलने के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। मामले का संज्ञान लेते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने संबंधित विभाग के एक बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
रायपुर में सामने आए इस मामले में आरोप है कि गंभीर बीमारी से जूझ रही शिक्षिका की सहायता से जुड़ी फाइल को समय पर आगे नहीं बढ़ाया गया, जिससे उनकी मदद में अनावश्यक देरी हुई।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए फाइल को लंबित रखने वाले बाबू के खिलाफ कार्रवाई की। इसके साथ ही संबंधित स्कूल के प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उनसे जवाब मांगा गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह मामला मानवीय संवेदनशीलता से जुड़ा हुआ था, जिसमें समय पर निर्णय न होने के कारण पीड़िता को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि फाइल किस स्तर पर रुकी और देरी के लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आगे और भी जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सकती है।
इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती और लापरवाही के प्रति शून्य सहनशीलता (zero tolerance) नीति के रूप में देखा जा रहा है।