×

छत्तीसगढ़ में बिजली हुई महंगी, दरों में 6.23% की बढ़ोतरी; कांग्रेस ने बताया ‘सरकारी लूट’

 

छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को अब अधिक बिल चुकाना होगा। राज्य में बिजली दरों में औसतन 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें लागू होने के बाद घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है।

बिजली दरों में वृद्धि के फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल Indian National Congress ने इस बढ़ोतरी का विरोध करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं ने बिजली दरों में इजाफे को आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए इसे ‘सरकारी लूट’ करार दिया है।

कांग्रेस का कहना है कि पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों पर बिजली दरों में बढ़ोतरी का असर पड़ेगा। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि बढ़ी हुई दरों पर पुनर्विचार किया जाए और आम उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।

वहीं, बिजली दरों में संशोधन को लेकर संबंधित विभाग का कहना है कि बिजली उत्पादन, खरीद और वितरण की बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए समय-समय पर दरों में संशोधन आवश्यक होता है।

नई दरों का असर राज्य के लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। खासकर घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों के लिए बिजली बिल में बढ़ोतरी चिंता का विषय बन सकती है। हालांकि विभिन्न श्रेणियों में दरों में वृद्धि का वास्तविक प्रभाव खपत के आधार पर अलग-अलग होगा।

बिजली दरों में बढ़ोतरी के मुद्दे पर अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होने की संभावना है। कांग्रेस जहां इसे जनता के खिलाफ फैसला बता रही है, वहीं सरकार की ओर से इस कदम को आवश्यक और व्यावहारिक बताया जा रहा है।

फिलहाल, बिजली दरों में 6.23 प्रतिशत की औसत वृद्धि लागू होने के साथ ही प्रदेश में इस फैसले को लेकर बहस शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में इसका असर उपभोक्ताओं और राजनीतिक माहौल दोनों पर देखने को मिल सकता है।