छत्तीसगढ़ में आफत की बारिश, महासमुंद-बलौदाबाजार समेत 6 जिलों में रेड अलर्ट; अगले 5 दिन भारी बारिश के आसार
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के महासमुंद, बलौदाबाजार समेत छह जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में अत्यधिक बारिश होने की संभावना है, जिससे जलभराव, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
छह जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने जिन छह जिलों को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है, वहां अगले कुछ समय के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। रेड अलर्ट को देखते हुए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर जलजमाव होने और नदी-नालों में तेज बहाव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जा रही है।
पांच दिन तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।
कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना के कारण प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ानी पड़ सकती है। लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने के साथ ग्रामीण संपर्क मार्ग भी प्रभावित हो सकते हैं।
नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर पर नजर
लगातार बारिश का सीधा असर प्रदेश की नदियों और नालों पर पड़ सकता है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका रहती है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चिंता का कारण बन सकती है।
प्रशासन की ओर से ऐसे इलाकों में निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखना जरूरी है। लोगों को तेज बहाव वाले पानी को पार करने की कोशिश नहीं करने की सलाह दी जा रही है।
जलभराव से बढ़ सकती है परेशानी
शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लगातार बारिश से जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। शहरों में सड़कें और निचले इलाके पानी से भर सकते हैं, जबकि गांवों में कच्ची सड़कों और संपर्क मार्गों पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है।
बारिश के दौरान बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। तेज हवाओं के साथ पेड़ गिरने और बिजली के तार टूटने जैसी घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। लोगों को ऐसे स्थानों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
रेड अलर्ट के दौरान प्रशासन के साथ आम लोगों की सतर्कता भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। मौसम खराब होने पर लोगों को नदी, नाले, तालाब और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
फिलहाल छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। महासमुंद और बलौदाबाजार समेत छह जिलों में रेड अलर्ट ने खतरे की गंभीरता बढ़ा दी है। ऐसे में प्रशासन की तैयारियों के साथ लोगों को भी मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना जरूरी होगा।