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बिलासपुर में साइबर ठगी: 82 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर से 1.04 करोड़ की ठगी, ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर फंसाया

 

शहर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 82 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर से करीब 1 करोड़ 4 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। ठगों ने खुद को पुलिस और जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर डराया और रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा ली।

जानकारी के अनुसार, ठगों ने फोन पर संपर्क कर पीड़ित को बताया कि उनके नाम पर टेरर फंडिंग जैसे गंभीर मामले में जांच चल रही है। इसके बाद उन्हें लगातार दबाव में रखकर मानसिक रूप से डराया गया और कहा गया कि यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

आरोपियों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताते हुए पीड़ित को पूरी तरह से भ्रमित कर दिया। इसी डर के चलते प्रोफेसर ने अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी।

मामला तब सामने आया जब पीड़ित को संदेह हुआ और उन्होंने परिजनों से चर्चा की। इसके बाद मामले की शिकायत साइबर क्राइम पुलिस में दर्ज कराई गई।

पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह एक संगठित साइबर गिरोह का मामला हो सकता है, जो लोगों को डरा-धमकाकर ठगी करता है।

साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर विश्वास न करें, और यदि कोई खुद को पुलिस या जांच एजेंसी का अधिकारी बताए तो तुरंत स्थानीय पुलिस से सत्यापन करें।

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।