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छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के जवान की मौत पर बवाल, परिजनों ने आत्महत्या मानने से किया इनकार

 

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में पदस्थ जवान विजेंद्र ठाकुर की मौत को लेकर शुक्रवार को मामला गरमा गया। देवनगर में जवान के परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने जवान की मौत को आत्महत्या मानने से साफ इनकार किया है। उनका आरोप है कि विजेंद्र ठाकुर की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और मामले में हत्या की आशंका की जांच की जानी चाहिए।

शव सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन

जवान की मौत की सूचना के बाद परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में देवनगर में एकत्र हुए। इसके बाद शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उनका कहना था कि जब तक मौत की वास्तविक वजह सामने नहीं आती, तब तक पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।

प्रदर्शन के कारण इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बनी रही। ग्रामीणों और परिजनों की मांग थी कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और मौत से जुड़े सभी पहलुओं को सामने लाया जाए।

आत्महत्या की थ्योरी पर सवाल

परिजनों ने विजेंद्र ठाकुर की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि परिस्थितियों की गहराई से जांच किए बिना मौत को आत्महत्या मान लेना उचित नहीं होगा। परिवार की ओर से हत्या की आशंका जताते हुए मामले की जांच की मांग की गई है।

हालांकि, मौत की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर पर जांच किया जाना जरूरी है।

निष्पक्ष जांच की मांग

परिजनों ने पुलिस और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिवार चाहता है कि मौत से पहले जवान की परिस्थितियों, उसके संपर्क में रहे लोगों और घटनास्थल से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जाए।

जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। इन सभी पहलुओं के आधार पर ही यह स्पष्ट किया जा सकेगा कि जवान की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

पुलिस जांच से सामने आएगा सच

विजेंद्र ठाकुर छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में पदस्थ थे। उनकी मौत के बाद परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी है। परिजनों द्वारा हत्या की आशंका जताए जाने के बाद अब जांच एजेंसियों के सामने मौत से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करने की चुनौती है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जवान की मौत के पीछे क्या कारण था। परिजनों के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य जांच तथ्यों पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।

परिजनों और ग्रामीणों का प्रदर्शन इसी मांग को लेकर था कि मामले को केवल आत्महत्या मानकर बंद न किया जाए, बल्कि मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक कारण सामने लाया जाए। अब जांच के निष्कर्ष से ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।