☰
×

पत्नी ने पति को सांवला और मोटा कहा तो तलाक नहीं मिलेगा, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

 

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े एक मामले में अहम टिप्पणी की है। अदालत ने पति की तलाक की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि केवल पत्नी द्वारा पति को सांवला और मोटा कहने की बात को तलाक देने का पर्याप्त आधार नहीं माना जा सकता।

कोर्ट ने मामले में उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए पति की याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

पति ने तलाक के लिए दिया था आधार

मामले में पति की ओर से तलाक की मांग करते हुए पत्नी के व्यवहार का हवाला दिया गया था। पति का कहना था कि पत्नी उसे सांवला और मोटा कहकर अपमानित करती है।

इसी आधार पर पति ने वैवाहिक जीवन में मानसिक प्रताड़ना का दावा करते हुए तलाक की मांग की थी।

हाईकोर्ट ने क्या कहा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि पत्नी द्वारा पति को सांवला या मोटा कहना अपने आप में तलाक देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है। अदालत ने इस आधार पर पति की तलाक की अर्जी को खारिज कर दिया।

कोर्ट ने वैवाहिक विवादों में लगाए गए आरोपों को परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर देखने की जरूरत पर जोर दिया।

सिर्फ टिप्पणी से तलाक का आधार नहीं बनता

अदालत के फैसले का मूल संदेश यह है कि वैवाहिक रिश्ते में कही गई किसी एक टिप्पणी को अलग से देखकर तलाक का आधार नहीं बनाया जा सकता। यह देखना जरूरी है कि संबंधित व्यवहार का पूरा संदर्भ क्या था और क्या उससे कानूनी रूप से मानसिक क्रूरता साबित होती है।

इस मामले में हाईकोर्ट ने पति की ओर से बताए गए आधार को तलाक की मंजूरी के लिए पर्याप्त नहीं माना।

फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया कि तलाक के मामलों में केवल आरोप लगाना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि संबंधित कानूनी आधार और उसके समर्थन में उपलब्ध परिस्थितियों का परीक्षण जरूरी