छत्तीसगढ़ बीजेपी में सात मोर्चों के प्रभारी घोषित, महिला मोर्चा की कमान पुरुष नेता को
छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए सात मोर्चों के प्रभारियों की घोषणा की है। पार्टी की ओर से जारी सूची में अलग-अलग मोर्चों की जिम्मेदारी वरिष्ठ और सक्रिय नेताओं को सौंपी गई है। इस सूची में सबसे ज्यादा चर्चा महिला मोर्चा के प्रभारी की नियुक्ति को लेकर हो रही है। महिला मोर्चा की जिम्मेदारी इस बार एक पुरुष नेता को दी गई है।
बीजेपी संगठन में मोर्चा प्रभारियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ये प्रभारी संबंधित मोर्चों की संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यक्रमों और अभियानों के संचालन में प्रदेश नेतृत्व और मोर्चा पदाधिकारियों के बीच समन्वय का काम करते हैं। नई नियुक्तियों को आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पार्टी ने सात अलग-अलग मोर्चों के लिए प्रभारियों का ऐलान किया है। इनमें महिला मोर्चा के अलावा युवा, किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य संगठनात्मक मोर्चों से जुड़े प्रभार शामिल हैं। इन नियुक्तियों के जरिए बीजेपी प्रदेश में अपने संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय करने की कोशिश कर रही है।
महिला मोर्चा की जिम्मेदारी पुरुष नेता को
नई नियुक्तियों में सबसे खास बात महिला मोर्चा के प्रभारी पद को लेकर है। आमतौर पर महिला मोर्चा से जुड़े कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों में महिलाओं की प्रमुख भूमिका रहती है, लेकिन प्रभारी पद की जिम्मेदारी किसी पुरुष नेता को सौंपा जाना राजनीतिक और संगठनात्मक चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि, प्रभारी का काम सीधे तौर पर मोर्चे का नेतृत्व करना नहीं, बल्कि प्रदेश संगठन और संबंधित मोर्चे के बीच समन्वय स्थापित करना होता है। ऐसे में पार्टी के भीतर इसे संगठनात्मक जिम्मेदारी के तौर पर देखा जा रहा है। प्रभारी संबंधित मोर्चे की गतिविधियों की समीक्षा, योजनाओं के क्रियान्वयन और संगठनात्मक कार्यक्रमों में समन्वय की भूमिका निभाते हैं।
संगठन विस्तार पर बीजेपी का फोकस
छत्तीसगढ़ में बीजेपी लगातार अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है। अलग-अलग मोर्चों की जिम्मेदारियां तय किए जाने के बाद अब संबंधित नेता अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को सक्रिय करने की दिशा में काम करेंगे। पार्टी की कोशिश है कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं को भी लगातार सक्रिय रखा जाए।
मोर्चा प्रभारियों की नियुक्ति का असर आने वाले समय में पार्टी के कार्यक्रमों और अभियानों में दिखाई दे सकता है। खासकर युवा, महिला, किसान और सामाजिक वर्गों से जुड़े मोर्चों को सक्रिय करने पर पार्टी का जोर रहने की उम्मीद है।
नई जिम्मेदारियां मिलने के बाद संबंधित नेता प्रदेश नेतृत्व के साथ समन्वय बनाकर संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे। फिलहाल सात मोर्चों के प्रभारियों की घोषणा के बाद बीजेपी के संगठन में नई जिम्मेदारियों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।