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बीजेपी की मैराथन मीटिंग आज; राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश पदाधिकारियों-जनप्रतिनिधियों की लेंगे बैठक

 

भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश 9 अप्रैल को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मैराथन बैठक करेंगे। वे भाजपा और निगम, मंडल व आयोगों के पदाधिकारियों के साथ ही नगरीय निकायों के महापौर, अध्यक्ष, अध्यक्ष व उपाध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे।


भाजपा के प्रदेश महामंत्री जगदीश (रामू) रोहरा ने बताया कि शिव प्रकाश 9 अप्रैल को सुबह 9.30 से 10.30 बजे तक महामंत्री बैठक लेंगे। इसके बाद सुबह 10.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक निगमों, बोर्डों और आयोगों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की बैठक होगी। दोपहर 12.30 बजे से 1.30 बजे तक भाजपा के सभी मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों की बैठक होगी। इसके बाद दोपहर 3 से 4.30 बजे तक नगरीय निकायों के महापौर-सभापति, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के साथ ही जिला पंचायतों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के साथ बैठक होगी।

चर्चा है कि इन मैराथन बैठकों के बाद जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। नये मंत्रियों के नामों की घोषणा कभी भी की जा सकती है। दो से तीन मंत्री शपथ ले सकते हैं। सूत्रों के अनुसार नामों को अंतिम रूप दे दिया गया है। अब केवल घोषणा बाकी है। लोकसभा चुनाव, उपचुनाव, नगरीय निकायों के चुनाव, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, मंडल व आयोगों के अध्यक्ष व उपाध्यक्षों के चुनाव के कारण यह घोषणा अब तक स्थगित की गई है।

दो या तीन नए मंत्री नियुक्त किए जा सकते हैं
चर्चा है कि दो या तीन नए मंत्री बनाए जा सकते हैं। इनमें रमन कैबिनेट में तीन बार मंत्री रह चुके रायपुर विधायक राजेश मूणत, रायपुर विधायक अजय चंद्राकर और रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा का नाम सबसे आगे चल रहा है। बिलासपुर से तीन बार मंत्री रह चुके अमर अग्रवाल का नाम भी चर्चा में है। इसके साथ ही दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव भी दौड़ में हैं। इन नामों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनकी यात्रा के दौरान भी चर्चा हुई है। ऐसे में जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है।

हरियाणा की तरह हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार
हरियाणा विधानसभा में भी 90 विधायक हैं। हरियाणा में भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री सहित 14 मंत्री हैं। इसलिए छत्तीसगढ़ में भी हरियाणा का फार्मूला लागू कर 3 और मंत्री बनाए जा सकते हैं। हालाँकि, छत्तीसगढ़ गठन के बाद से केवल 13 मंत्री ही बनाये गये हैं। जबकि नियमानुसार केवल 15 प्रतिशत विधायक ही मंत्री बन सकते हैं। नियमों के मुताबिक 90 में से 13.5 विधायक मंत्री बन सकते हैं। इसलिए मुख्यमंत्री सहित 14 मंत्री हो सकते हैं।