45 साल से आम लोगों के लिए बंद है चंडीगढ़ की यह VIP रोड, फुटेज में देंखे PM मोदी के काफिले के लिए हटे बैरिकेड; जानिए पूरा विवाद
देश में शायद ही कोई ऐसी सड़क होगी, जिस पर आम नागरिकों का प्रवेश पिछले 45 वर्षों से पूरी तरह प्रतिबंधित हो, लेकिन प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य वीवीआईपी के लिए वही रास्ता कुछ मिनटों में खोल दिया जाता हो। चंडीगढ़ की एक ऐसी ही 500 मीटर लंबी VIP रोड एक बार फिर चर्चा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के दौरान शुक्रवार को इस सड़क से उनका काफिला गुजरा, जिसके लिए वर्षों से लगे बैरिकेड अस्थायी रूप से हटा दिए गए।
यह सड़क नयागांव-चंडीगढ़ बैरियर के पास स्थित है और दशकों से आम लोगों के लिए बंद है। जैसे ही कोई वीवीआईपी शहर में आता है, सुरक्षा एजेंसियां इस मार्ग को खोल देती हैं और काफिला बिना किसी रुकावट के यहां से गुजरता है। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सड़क फिर से बंद कर दी जाती है।
आखिर क्यों बंद है यह सड़क?
इस सड़क का इतिहास करीब 45 साल पुराना है। वर्ष 1980 में पंजाब में आतंकवाद अपने चरम पर था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए इस मार्ग को आम यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। सुरक्षा कारणों से यहां बैरिकेड लगाए गए और सामान्य ट्रैफिक पर पूरी तरह रोक लगा दी गई।
समय के साथ आतंकवाद का दौर खत्म हो गया, लेकिन यह सड़क आज भी आम लोगों के लिए नहीं खुल सकी। वर्तमान में इसका उपयोग केवल सुरक्षा एजेंसियों, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल और अन्य वीवीआईपी के काफिलों के लिए किया जाता है।
हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
इस सड़क को आम लोगों के लिए खोलने की मांग लंबे समय से उठती रही है। मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां सड़क खोलने को लेकर आदेश भी दिए गए। हालांकि इन आदेशों के बावजूद सड़क आम नागरिकों के लिए नहीं खोली गई।बताया जाता है कि इस मुद्दे पर पंजाब सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। मामला आगे बढ़ते-बढ़ते सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया, जहां इस पर कानूनी प्रक्रिया जारी है।
आम लोगों में नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह सड़क आम ट्रैफिक के लिए खोल दी जाए तो आसपास के इलाकों में जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। उनका तर्क है कि वर्षों पहले जिन परिस्थितियों में सड़क बंद की गई थी, वे अब बदल चुकी हैं, इसलिए इसकी समीक्षा की जानी चाहिए।दूसरी ओर, सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह मार्ग रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है और वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान वैकल्पिक सुरक्षित रास्ते के रूप में इसकी भूमिका आज भी बनी हुई है।
पीएम मोदी के दौरे में फिर खुली सड़क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रवार के दौरे के दौरान यह सड़क एक बार फिर कुछ समय के लिए खोली गई। सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रधानमंत्री का काफिला इसी VIP रोड से गुजरा। उनके कार्यक्रम के समाप्त होते ही बैरिकेड दोबारा लगा दिए गए और सड़क फिर आम लोगों के लिए बंद कर दी गई।
क्यों बना हुआ है यह मुद्दा चर्चा का विषय?
चंडीगढ़ की यह VIP रोड सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं के बीच संतुलन की बहस का प्रतीक बन चुकी है। एक ओर हाईकोर्ट इसे खोलने की बात करता है, तो दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसियां और पंजाब सरकार इसे संवेदनशील बताते हुए बंद रखने के पक्ष में हैं। यही वजह है कि चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह सड़क आम लोगों के लिए अब तक नहीं खुल सकी और इसका विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है।