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5 महीने बाद पंजाब दौरे पर पीएम मोदी, चंडीगढ़ में रैली के बाद जालंधर में करेंगे कई कार्यक्रम; फुटेज में जाने 2027 चुनाव से जोड़कर देखी जा रहीं सियासी हलचलें

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को करीब पांच महीने बाद एक बार फिर पंजाब दौरे पर पहुंच रहे हैं। इस दौरे के दौरान वह चंडीगढ़ और जालंधर में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। आधिकारिक कार्यक्रमों में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और जनसभा शामिल है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस दौरे को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के नजरिए से भी देखा जा रहा है।

चंडीगढ़ में 45 मिनट का कार्यक्रम

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प्रधानमंत्री मोदी दोपहर करीब 1:15 बजे चंडीगढ़ पहुंचेंगे। यहां वह पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। उनके लिए विशेष रूप से एयर कंडीशंड टेंट तैयार किया गया है, जहां वे करीब 45 मिनट तक रहेंगे।प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कार्यक्रम स्थल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

जालंधर में चार कार्यक्रम

चंडीगढ़ के बाद प्रधानमंत्री जालंधर जाएंगे, जहां उनके चार अलग-अलग कार्यक्रम निर्धारित हैं। इन कार्यक्रमों में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और विभिन्न सार्वजनिक आयोजनों में भाग लेना शामिल है।केंद्र सरकार का कहना है कि इस दौरे का उद्देश्य पंजाब में विकास कार्यों को गति देना और नई परियोजनाओं को जनता को समर्पित करना है।

दोआबा क्षेत्र पर भाजपा का फोकस

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। इससे पहले फरवरी में प्रधानमंत्री ने डेरा सचखंड बल्लां का दौरा किया था और अब जालंधर में जनसभा कर रहे हैं।इसे भाजपा की दोआबा क्षेत्र, खासकर दलित बहुल इलाकों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। दोआबा क्षेत्र पंजाब की राजनीति में अहम भूमिका निभाता है और विधानसभा चुनावों में इसका विशेष महत्व माना जाता है।

2027 चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गतिविधियां

प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब पंजाब की राजनीति में हलचल तेज है। कांग्रेस आंतरिक मतभेदों से जूझ रही है, जबकि आम आदमी पार्टी की सरकार विपक्ष के निशाने पर है।ऐसे माहौल में भाजपा राज्य में अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर रही है और 2027 विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश में जुटी दिखाई दे रही है।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए चंडीगढ़ और जालंधर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम स्थलों और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष योजना तैयार की है।प्रधानमंत्री के इस दौरे पर राजनीतिक दलों और आम जनता की नजरें टिकी हैं। विकास परियोजना के साथ-साथ उनके संबोधन को भी आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।