प्रेम के नाम पर युवती की हत्या, शव को श्मशान में जलाकर किया गया नष्ट
प्यार और भरोसे की ऐसी कहानी जिसने मुंगेर से लेकर पूर्णिया तक को हिला कर रख दिया। 40 दिनों से लापता स्नेहा कुमारी (22) की खोज आखिरकार खत्म हुई, लेकिन सामने आया सच बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला था।
स्नेहा कुमारी, जो नर्स बनने का सपना देख रही थी, अपने ही प्रेमी के जाल में फंस गई। प्रेमी ने न केवल उसे मौत के घाट उतारा, बल्कि सबूत मिटाने के लिए उसका शव श्मशान घाट में जला दिया। यह सनसनीखेज घटना पूरे इलाके में सदमे और गुस्से का कारण बनी।
स्थानीय पुलिस ने बताया कि यह मामला ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री था। शुरुआती दौर में किसी को भी स्नेहा के लापता होने के पीछे का कारण नहीं पता था। परिजनों की मदद और तकनीकी सबूतों (Technical Evidence) के आधार पर पुलिस ने मामले की गुत्थी सुलझाई।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि प्रेमी ने स्नेहा को मोटिव और योजना के साथ अपनी प्रेमिका के खिलाफ जघन्य अपराध किया। इसके बाद शव को जला कर नष्ट करने का प्रयास किया, ताकि कोई साक्ष्य न बचे। हालांकि, साइबर और फोरेंसिक जांच से अपराधियों को पकड़ना संभव हुआ।
स्थानीय लोग और पड़ोसी इस घटना से सदमे में हैं। उन्होंने कहा कि प्रेम और विश्वास के नाम पर इस तरह का क्रूर अपराध पूरी तरह से असहनीय और भयावह है। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा और सामाजिक चेतना पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्नेहा की मां और परिवार का दर्द बयां करने लायक नहीं है। पुलिस ने बताया कि अब आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया जाएगा, लेकिन परिवार का आक्रोश और पीड़ा अभी भी ज्यों की त्यों है। मां की पथराई आंखें और परिवार की चीखें इंसाफ की भीख मांग रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल व्यक्तिगत अपराध हैं, बल्कि सामाजिक चेतना और सुरक्षा व्यवस्था की जांच भी हैं। उन्होंने कहा कि प्रेम के नाम पर युवाओं को बहकाना और जघन्य अपराध करना समाज के लिए भय और चेतावनी का संकेत है।
स्थानीय प्रशासन ने घटना के बाद चेतावनी जारी की है कि युवाओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता और निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा पुलिस ने कहा कि सभी संदिग्ध गतिविधियों की मॉनिटरिंग तेज कर दी गई है।
यह घटना पूरे मुंगेर और पूर्णिया क्षेत्र में सामाजिक और कानूनी जागरूकता की आवश्यकता को उजागर करती है। लोगों ने कहा कि केवल कानून की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है; परिवार, समाज और युवाओं को सतर्क और जागरूक रहने की शिक्षा भी जरूरी है।
इस प्रकार, स्नेहा कुमारी की हत्या ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि प्यार और भरोसे के नाम पर धोखे और जघन्य अपराध समाज को कितना हिला सकते हैं। पुलिस और प्रशासन की तत्परता से अपराध सुलझा, लेकिन पीड़ित परिवार की मुक्ति और न्याय की चाह अभी भी अधूरी है।