×

पत्नी के तानों से तंग युवक रेलवे ट्रैक पर लेटा, राहगीरों ने बचाई जान

 

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें पत्नी के तानों से तंग होकर एक युवक ने आत्महत्या के इरादे से रेलवे ट्रैक पर लेट जाने का प्रयास किया। लेकिन समय पर मौजूद राहगीरों की सूझबूझ और तत्परता के कारण युवक की जान बचा ली गई।

घटना मुजफ्फरपुर के रामदयालु नगर रेलखंड के भगवानपुर ओवरब्रिज के नीचे हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक काफी देर से मानसिक तनाव में था और पत्नी के लगातार तानों और घर के विवादों से परेशान होकर उसने यह गंभीर कदम उठाने का निर्णय लिया।

घटना के दौरान वहां से गुजर रहे राहगीरों ने युवक को ट्रैक पर लेटा देखा और तुरंत ही उसे रोकने की कोशिश की। लोगों की तत्परता और सही समय पर हस्तक्षेप के कारण युवक को किसी भी प्रकार की गंभीर चोट या जान का नुकसान नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि युवक को तुरंत सुरक्षा के लिए नजदीकी पुलिस और परिजनों को सूचित किया गया।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे राहगीरों ने मिलकर युवक को ट्रैक से हटाया और उसकी जान बचाई। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने युवक को बचाने वाले राहगीरों की तारीफ की है और इस घटना को समाज में जागरूकता फैलाने वाला उदाहरण बताया जा रहा है।

मुजफ्फरपुर के पुलिस अधिकारियों ने भी घटना की पुष्टि की है और बताया कि युवक को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उसकी मानसिक स्थिति का मूल्यांकन किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को मानसिक तनाव या आत्महत्या की प्रवृत्ति दिखाई दे, तो तुरंत अधिकारियों या परिजनों को सूचित करें।

विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू तनाव और पारिवारिक विवाद कभी-कभी गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। ऐसे मामलों में समय पर मदद और समाज की जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण होती है। विशेषज्ञों ने कहा कि परिवार और समुदाय को चाहिए कि वह तनावग्रस्त लोगों की मदद के लिए सतर्क रहे और उन्हें उचित मार्गदर्शन प्रदान करे।

इस घटना ने समाज के सामने यह संदेश भी रखा है कि समय पर हस्तक्षेप और मानवीय मदद किसी की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में सभी पक्षों को सावधानी बरतने की सलाह दी है और कहा है कि युवक की मानसिक स्थिति में सुधार के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।

मुजफ्फरपुर के लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में समाज को भी जागरूक और संवेदनशील रहने की जरूरत है। किसी भी व्यक्ति को मानसिक या पारिवारिक संकट में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि कभी-कभी सही समय पर मदद जीवन बचा सकती है।