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दिल्ली में निजी स्कूलों ने बढ़ी फीस वापस क्यों नहीं की… सौरभ भारद्वाज का BJP सरकार पर बड़ा हमला

 

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों से बढ़ी हुई फीस पेरेंट्स को लौटाने के BJP सरकार के दावे की पोल खोल दी है। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी के सवालों के जवाब में शिक्षा मंत्री आशीष सूद के जवाब का हवाला देते हुए AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक अहम खुलासा किया है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में माना था कि पिछले साल किसी भी प्राइवेट स्कूल ने मनमानी तरीके से बढ़ाई गई फीस पेरेंट्स को नहीं लौटाई थी। BJP सरकार और प्राइवेट स्कूलों के बीच मिलीभगत का यह बड़ा खुलासा खुद दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने अपने जवाबों से किया।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि विधानसभा सत्र में शिक्षा मंत्री आशीष सूद के जवाबों ने प्राइवेट स्कूलों के साथ मिलीभगत को उजागर कर दिया है। पहली बात, किसी भी प्राइवेट स्कूल ने बढ़ी हुई फीस नहीं लौटाई है। दूसरी बात, प्राइवेट स्कूलों का फाइनेंशियल ऑडिट होने के बावजूद दिल्ली सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। तीसरी बात, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली कमेटी की सिफारिश के बावजूद, DPS स्कूल के खिलाफ स्टूडेंट्स को परेशान करने के लिए कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। और चौथी बात, दिल्ली सरकार के पास अप्रैल 2025 में प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीस बढ़ाने का कोई रिकॉर्ड नहीं है।

फीस में 20 से 80 परसेंट की बढ़ोतरी
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में BJP सरकार के सत्ता में आते ही, लगभग सभी प्राइवेट स्कूलों ने 1 अप्रैल, 2025 से शुरू होने वाले सेशन में अपनी फीस में 20 परसेंट से 80 परसेंट तक की बड़ी बढ़ोतरी कर दी थी। पेरेंट्स ने इसका विरोध किया, जिसके कारण बड़े पैमाने पर विरोध और प्रदर्शन हुए, जिसके बाद दबाव में आकर BJP के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने प्राइवेट स्कूलों का ऑडिट करने और फीस वापस करने का वादा किया।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब पूछा गया कि ऑडिट में कौन से स्कूल फाइनेंशियल गड़बड़ियां या मुनाफाखोरी करते पाए गए, तो सरकार ने जवाब दिया कि प्रोसेस चल रहा है और उन स्कूलों के नाम नहीं बताए। बाद में, जब पूछा गया कि दिसंबर तक ऑडिट के आधार पर कितने स्कूलों को कारण बताओ नोटिस, जुर्माना या मान्यता रद्द की गई, तो जवाब भी यही था कि प्रोसेस चल रहा है। इसका मतलब है कि बहुत ज़्यादा प्रचारित ऑडिट के आधार पर किसी भी स्कूल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब सरकार से 2025-26 में फीस बढ़ाने वाले स्कूलों की लिस्ट और एक्स्ट्रा डिटेल्स मांगी गई, तो मिनिस्टर ने लिखकर जवाब दिया कि उनके पास ऐसा कोई डेटा नहीं है। इसका मतलब है कि सरकार को यह भी नहीं पता कि हर स्कूल ने अपनी फीस कितनी बढ़ाई है। सरकार के पास इस सवाल का भी जवाब नहीं था कि सरकारी दखल की वजह से कितने स्कूलों की फीस बढ़ोतरी वापस हुई, जिससे साफ पता चलता है कि किसी भी स्कूल की फीस वापस नहीं हुई।

दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने पल्ला झाड़ा - सौरभ
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब मिनिस्टर से पूछा गया कि क्या उन्हें DPS द्वारका द्वारा बढ़ी हुई फीस न देने पर स्टूडेंट्स को परेशान करने, जिसमें उन्हें लाइब्रेरी में बैठाना और बाउंसर तैनात करना शामिल है, पर हाई कोर्ट की टिप्पणियों के बारे में पता है, तो उन्होंने जवाब दिया कि इससे कोई लेना-देना नहीं है। शिक्षा विभाग के कोर्ट में मौजूद होने के बावजूद, मिनिस्टर अभी भी इस मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की एक कमेटी ने DPS मामले में FIR दर्ज करने की सिफारिश की थी। विधानसभा में जब पूछा गया कि क्या FIR दर्ज की गई है, तो जवाब मिला कि मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है। यह पूरी तरह से गलत है, क्योंकि कोर्ट ने FIR दर्ज करने पर कोई रोक नहीं लगाई है। सरकार सिर्फ बहाने बना रही है।