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10 साल तक किया इंतजार, चार बार IVF में मिली असफलता

 

भोजपुरी लोकगायिका देवी की कहानी उनके लंबे संघर्ष और मातृत्व की इच्छा से जुड़ी है। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, देवी करीब 10 साल से मां बनने की कोशिश कर रही थीं। इस दौरान उन्हें चार बार IVF प्रक्रिया में असफलता का सामना करना पड़ा। आखिरकार पांचवें प्रयास में उनका सपना पूरा हुआ।

देवी ने बताया कि उनके परिवार ने इस सफर में उनका साथ दिया। खासकर उनके पिता ने उन्हें हिम्मत दी और हर मुश्किल समय में मार्गदर्शन किया। उनके मुताबिक, परिवार का सहयोग इस भावनात्मक यात्रा में बेहद महत्वपूर्ण रहा।

जर्मनी के स्पर्म बैंक की मदद से चुना मातृत्व का रास्ता

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, देवी ने जर्मनी के स्पर्म बैंक की मदद से IVF प्रक्रिया के जरिए गर्भधारण किया। उन्होंने विवाह किए बिना मां बनने का फैसला लिया, क्योंकि उन्हें अपने लिए मनमुताबिक जीवनसाथी नहीं मिला था। देवी का मानना है कि मां बनने के लिए हर महिला का रास्ता एक जैसा होना जरूरी नहीं है।

बोलीं- अपने फैसले पर गर्व है

देवी ने अपने फैसले को कठिन जरूर बताया, लेकिन उन्हें इस पर गर्व है। उनके लिए मां बनने का अनुभव जीवन का बेहद खास पड़ाव है। उनका कहना है कि बच्चे के साथ मां का रिश्ता निस्वार्थ होता है और मातृत्व का सुख शब्दों में बयां करना मुश्किल है।भोजपुरी संगीत में अपनी पहचान बनाने वाली देवी हिंदी, भोजपुरी, मैथिली और मगही में भी गाती हैं। उनकी यह कहानी निजी फैसलों, परिवार के सहयोग और लंबे इंतजार के बाद पूरा हुए सपने की कहानी है।