4 महीने बाद खुला VTR, 3 दिन में पहुंचे 500 पर्यटक; नवरात्र में जंगल सफारी की बढ़ी रौनक, जानें नए रूट और टिकट के रेट
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) करीब चार महीने बाद पर्यटकों के लिए खुलने के बाद एक बार फिर गुलजार हो गया है। जंगल सफारी और वन्यजीवों को करीब से देखने के लिए सैलानी पहुंच रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, रिजर्व खुलने के शुरुआती तीन दिनों में करीब 500 पर्यटक यहां पहुंचे। नवरात्र के दौरान भी पर्यटकों की आवाजाही बनी हुई है।
चार महीने बाद जंगल सफारी शुरू
मानसून के दौरान बारिश और जंगल के रास्तों की स्थिति को देखते हुए टाइगर रिजर्व में पर्यटन गतिविधियां बंद रखी गई थीं। अब नया पर्यटन सीजन शुरू होने के साथ ही पर्यटकों को जंगल सफारी का मौका मिल रहा है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व बिहार का प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थल है। यहां बाघों के अलावा तेंदुए, हिरण, जंगली पक्षियों और अन्य वन्यजीवों को देखने की संभावना रहती है।
जंगल सफारी के लिए चार नए रूट
पर्यटकों को जंगल का अलग-अलग अनुभव देने के लिए सफारी के चार नए रूट शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन रास्तों के जरिए पर्यटक जंगल के अलग-अलग हिस्सों और प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकेंगे। हालांकि, इन चारों रूट के नाम, उनकी दूरी और प्रत्येक रूट पर सफारी की उपलब्धता की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को वन विभाग के नियमों का पालन करना होता है। वन्यजीवों के करीब जाने, उन्हें खाना खिलाने या शोर मचाने से बचना चाहिए।
टिकट और सफारी का कितना है रेट?
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व घूमने का खर्च सफारी के प्रकार, वाहन, पर्यटकों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं पर निर्भर कर सकता है। अलग-अलग गतिविधियों के लिए शुल्क भी अलग हो सकते हैं।
फिलहाल नए सफारी रूट के टिकट की सटीक दरों की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो रही है। इसलिए यात्रा पर जाने से पहले वन विभाग या अधिकृत पर्यटन बुकिंग केंद्र से वर्तमान शुल्क, समय और बुकिंग की जानकारी लेना बेहतर रहेगा।
कैसे पहुंचें वाल्मीकि टाइगर रिजर्व?
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पश्चिम चंपारण जिले में नेपाल सीमा के पास स्थित है। यहां सड़क और रेल मार्ग से पहुंचा जा सकता है। यात्रा की योजना बनाते समय संबंधित प्रवेश द्वार, सफारी की उपलब्धता और स्थानीय परिवहन की जानकारी पहले जुटा लें।
चार महीने के अंतराल के बाद पर्यटन गतिविधियां शुरू होने से स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। शुरुआती तीन दिनों में करीब 500 पर्यटकों का पहुंचना इस पर्यटन स्थल के प्रति लोगों की दिलचस्पी को दर्शाता है।