डॉग को लिफ्ट में ले जाने पर हंगामा, टीचर से मारपीट का आरोप; महिला ने बाल खींचे, डंडे-थप्पड़ मारे
गाजियाबाद की एक सोसायटी में डॉग को लिफ्ट में ले जाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि एक टीचर के साथ मारपीट का आरोप लगा है। घटना के दौरान महिला ने कथित तौर पर टीचर के बाल खींचे और डंडे व थप्पड़ से मारपीट की। मामला बढ़ने पर सोसायटी के गार्ड ने बीच-बचाव किया और टीचर को सुरक्षित उनके फ्लैट तक पहुंचाया।
घटना के बाद सोसायटी में हंगामे की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत डॉग को लिफ्ट में ले जाने को लेकर हुई। इसी दौरान महिला और टीचर के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई।
टीचर का आरोप है कि महिला ने उनके साथ मारपीट की। आरोप के मुताबिक, महिला ने पहले उनके बाल खींचे और इसके बाद थप्पड़ तथा डंडे से हमला किया। विवाद बढ़ता देखकर मौके पर मौजूद गार्ड ने हस्तक्षेप किया। गार्ड ने दोनों को अलग कराया और टीचर को सुरक्षित उनके फ्लैट तक पहुंचाया।
सोसायटी में पालतू कुत्तों को लेकर पहले भी अलग-अलग तरह के विवाद सामने आते रहे हैं। कुछ लोग अपने पालतू डॉग को लिफ्ट में ले जाने को लेकर नियमों और दूसरे निवासियों की सुविधा का ध्यान रखने की बात कहते हैं, जबकि पेट लवर्स का कहना है कि पालतू जानवरों के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसी तरह के मुद्दों को लेकर कई सोसायटियों में निवासियों के बीच बहस होती रही है।
इस मामले में भी डॉग को लिफ्ट में ले जाने का मुद्दा देखते ही देखते व्यक्तिगत विवाद में बदल गया। घटना के बाद सोसायटी के लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। लोगों ने मांग की है कि विवाद का समाधान सोसायटी के नियमों के अनुसार किया जाए और किसी भी स्थिति में मारपीट से बचा जाए।
घटना के दौरान मौजूद गार्ड की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। उसने समय रहते बीच-बचाव कर स्थिति को और बिगड़ने से रोकने की कोशिश की और टीचर को उनके फ्लैट तक पहुंचाया। घटना का वीडियो या अन्य साक्ष्य सामने आने पर पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल महिला और टीचर के बीच हुए विवाद की पूरी परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। यदि पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है तो सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की जांच की जा सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर सोसायटियों में पालतू जानवरों को लेकर बने नियमों, लिफ्ट के इस्तेमाल और आपसी विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की जरूरत को सामने ला दिया है। छोटे विवाद को हिंसा में बदलने से रोकने के लिए सोसायटी प्रबंधन और निवासियों के बीच स्पष्ट नियम और संवाद जरूरी है।