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खेल प्रतिभाओं को तराशेगी ‘मशाल’ परियोजना, राजगीर में आज से मास्टर ट्रेनर्स की दो दिवसीय कार्यशाला

 

राज्य में खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और मंच उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी कड़ी में ‘मशाल’ परियोजना के तहत मास्टर ट्रेनर्स के लिए दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन राजगीर खेल अकादमी में आज से किया जाएगा।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य जमीनी स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें सही तरीके से निखारने के लिए मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करना है। कार्यशाला में प्रतिभागियों को खिलाड़ियों की क्षमता का आकलन करने, उनकी प्रतिभा के अनुरूप प्रशिक्षण देने और खेल कौशल को विकसित करने से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी।

‘मशाल’ परियोजना के जरिए खासतौर पर कम उम्र के खिलाड़ियों में मौजूद खेल प्रतिभा को पहचानने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए प्रशिक्षकों को आधुनिक तरीकों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खिलाड़ियों की क्षमता को समझने की जानकारी दी जाएगी। इससे ग्रामीण और छोटे शहरों से निकलने वाली प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल सकेगा।

राजगीर खेल अकादमी में आयोजित होने वाली इस कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण की विभिन्न तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों के शारीरिक विकास, फिटनेस, खेल कौशल और प्रदर्शन का आकलन करने के तरीकों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। प्रशिक्षण के बाद मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने क्षेत्रों में खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर पहचानना किसी भी खिलाड़ी के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। कई बार प्रतिभाशाली खिलाड़ी उचित मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते हैं। ‘मशाल’ परियोजना का लक्ष्य ऐसे खिलाड़ियों को समय रहते पहचानकर उन्हें जरूरी सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

दो दिवसीय कार्यशाला के माध्यम से मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स आगे अन्य प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों के साथ काम करेंगे। इससे खेल प्रतिभा पहचानने और उन्हें निखारने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

राजगीर में खेल सुविधाओं के विस्तार और विभिन्न खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के बीच इस कार्यशाला को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम के जरिए खेल क्षेत्र में काम करने वाले प्रशिक्षकों को नई तकनीकों और बेहतर प्रशिक्षण पद्धतियों की जानकारी मिलेगी।

अधिकारियों का मानना है कि प्रतिभाओं की पहचान यदि शुरुआती चरण में हो और उन्हें विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिले, तो खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। ‘मशाल’ परियोजना इसी सोच के साथ खेल प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें सही दिशा देने की कोशिश है।