टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: मां बोलीं- बेटा कुक है, कॉन्ट्रैक्ट किलर नहीं; गर्लफ्रेंड को ट्रेन में बैठाने गया था, फिर मोबाइल बंद
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के मामले में बिहार के बेगूसराय के ऋतिक कुमार उर्फ रोशन का नाम सामने आने के बाद उसके परिवार ने बेटे को निर्दोष बताया है। ऋतिक की मां संयुक्ता देवी का कहना है कि उनका बेटा मुंबई में खाना बनाने यानी कुक का काम करता है, वह कोई कॉन्ट्रैक्ट किलर नहीं है। मां के मुताबिक, ऋतिक अपनी गर्लफ्रेंड को ट्रेन में बैठाने के लिए रेलवे स्टेशन गया था। इसके बाद से उसका मोबाइल फोन बंद हो गया और परिवार का उससे संपर्क नहीं हो पाया।
मां बोलीं- बेटा खाना बनाने का काम करता है
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संयुक्ता देवी ने बताया कि उनका बेटा पिछले कुछ समय से मुंबई में रहकर काम कर रहा था। इससे पहले वह दिल्ली में एक कैटरर के यहां खाना बनाने का काम करता था। मां का कहना है कि ऋतिक का काम रसोई से जुड़ा है और उसे फायरिंग की घटना से जोड़कर देखना उन्हें गलत लगता है।
संयुक्ता देवी ने बेटे पर लगे आरोपों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उनका बेटा ऐसा अपराध नहीं कर सकता। हालांकि, किसी व्यक्ति के निर्दोष या दोषी होने का अंतिम फैसला जांच और अदालत में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही होगा।
गर्लफ्रेंड को ट्रेन में बैठाने गया था ऋतिक
ऋतिक की मां के मुताबिक, 17 अक्टूबर को बेटे ने फोन पर बताया था कि वह अपनी गर्लफ्रेंड को ट्रेन में बैठाने के लिए रेलवे स्टेशन गया है। इसके बाद से उसका मोबाइल फोन बंद आने लगा। परिवार ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी।
मां ने बताया कि ऋतिक और उसकी गर्लफ्रेंड के बीच प्रेम संबंध थे और दोनों शादी करने की योजना बना रहे थे। परिवार के अनुसार, ऋतिक की निजी जिंदगी से जुड़ी घटनाओं के बीच अचानक संपर्क टूटने से वे परेशान हैं। मां ने आशंका जताई कि उनके बेटे को मामले में फंसाया जा सकता है, हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।
राजस्थान के कोटा में पकड़े गए तीन संदिग्ध
मुंबई में टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर 18 अक्टूबर की शाम फायरिंग की घटना हुई थी। पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान पांच गोलियां चलाई गईं। अभिनेता सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर सामने आई।
मामले की जांच के दौरान मुंबई पुलिस को आरोपियों के भागने के रास्ते के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद राजस्थान पुलिस की मदद से 19 अक्टूबर को कोटा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में सफर कर रहे तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। इनमें ऋतिक कुमार उर्फ रोशन का नाम भी बताया गया है। अन्य दो संदिग्धों के नाम रेहान और फूल सिंह बताए गए हैं।
बेगूसराय में परिवार से भी हुई पूछताछ
ऋतिक का नाम सामने आने के बाद बेगूसराय पुलिस ने उसके बताए गए पते पर जाकर परिवार से जानकारी जुटाई। मीडिया रिपोर्टों में परिवार की ओर से गिरफ्तारी से जुड़ी तस्वीर देखकर युवक की पहचान को लेकर संदेह जताए जाने की बात भी सामने आई थी। वहीं, द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में स्थानीय पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया गया कि पुलिस ने परिवार से पूछताछ की और ऋतिक के कामकाज व मुंबई में रहने की जानकारी जुटाई।
मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि फायरिंग की साजिश में ऋतिक की वास्तविक भूमिका क्या थी। पुलिस जांच में आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है। परिवार के दावों और पुलिस की जांच के बीच अब आगे की कार्रवाई और उपलब्ध सबूतों पर नजर रहेगी।