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जेल में बंद मुन्ना शुक्ला के नाम पर खुलेआम धमकी, वायरल तस्वीर से मचा हड़कंप

 

लालगंज के पूर्व विधायक और कुख्यात बाहुबली मुन्ना शुक्ला भले ही इस समय जेल में बंद हैं, लेकिन उनके नाम का खौफ अब भी इलाके में खत्म नहीं हुआ है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक तस्वीर ने प्रशासन और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तस्वीर में एक स्टेशन मास्टर कुछ युवाओं को मुन्ना शुक्ला के नाम से जान से मारने और “चीर-फाड़ कर देने” की धमकी देते हुए नजर आ रहे हैं।

यह तस्वीर सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है कि जब खुद मुन्ना शुक्ला जेल में हैं, तब भी उनके नाम का इस्तेमाल कर खुलेआम धमकियां कैसे दी जा रही हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होते ही लोग कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे हैं।

मामले में सामने आए स्टेशन मास्टर ने पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि यह धमकी देने का मामला नहीं था, बल्कि अपनी जान बचाने के लिए मजबूरी में उन्हें ऐसा कहना पड़ा। स्टेशन मास्टर के अनुसार, कुछ युवक स्टेशन परिसर में उनके साथ मारपीट पर उतारू हो गए थे और स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई थी।

स्टेशन मास्टर ने बताया कि युवकों के आक्रामक रवैये को देखते हुए उन्होंने खुद को मुन्ना शुक्ला का भतीजा बताया और उनका नाम लिया, ताकि युवक डर जाएं और वहां से चले जाएं। स्टेशन मास्टर का दावा है कि जैसे ही उन्होंने मुन्ना शुक्ला का नाम लिया, युवक मौके से फरार हो गए और किसी प्रकार की अप्रिय घटना टल गई।

हालांकि इस सफाई के बावजूद मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक सरकारी कर्मचारी को अपनी सुरक्षा के लिए किसी बाहुबली का नाम लेने की जरूरत क्यों पड़ी। यह घटना इलाके में फैले अपराध के डर और प्रशासनिक कमजोरी की ओर इशारा करती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मुन्ना शुक्ला का नाम आज भी अपराधियों के लिए एक हथियार बना हुआ है। भले ही वह जेल में बंद हों, लेकिन उनके नाम से डर पैदा कर लोग अपना काम निकाल रहे हैं। इससे साफ होता है कि क्षेत्र में कानून का खौफ अपराधियों पर उतना प्रभावी नहीं है जितना होना चाहिए।

वायरल तस्वीर को लेकर रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस भी हरकत में आ गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जाएगा कि तस्वीर किस संदर्भ में ली गई थी और धमकी देने का दावा कितना सही है। यदि किसी भी प्रकार की अनुचित हरकत या कानून उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जेल में बंद अपराधियों का प्रभाव समाज से कब खत्म होगा। साथ ही यह भी सोचने का विषय है कि आम नागरिक और सरकारी कर्मचारी खुद को सुरक्षित महसूस क्यों नहीं कर पा रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की जांच पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।