दरिंदगी की हद पार करने वालों को उम्रकैद, किशोरी की चीखों को मिला आखिर इंसाफ
बिहार के गोपालगंज ज़िले की एक विशेष अदालत ने महिलाओं की सुरक्षा और POCSO एक्ट पर एक ऐतिहासिक फ़ैसला सुनाते हुए दो युवकों को आजीवन कारावास की सज़ा दी है। ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश (VI) सह विशेष न्यायाधीश (POCSO), पंकज वर्मा की अदालत ने दो साल पुराने एक सामूहिक बलात्कार के मामले में दोनों आरोपियों को दोषी ठहराने के बाद यह सख़्त सज़ा सुनाई।
**प्रत्येक पर ₹50,000 का जुर्माना**
अदालत ने न केवल दोनों दोषियों - दीपक कुमार राम और अजय राम - को आजीवन कारावास की सज़ा दी है, बल्कि उन पर प्रत्येक के हिसाब से ₹50,000 का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रक़म अदा न करने की स्थिति में, दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। सज़ा सुनाए जाने के तुरंत बाद, दोनों व्यक्तियों को कड़ी सुरक्षा के बीच गोपालगंज की मंडल जेल भेज दिया गया।
**क्या था मामला?**
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 24 जून, 2024 को हुई थी। बरौली थाना क्षेत्र के एक गाँव की रहने वाली एक किशोरी अपनी पाँच वर्षीय भतीजी के साथ गाँव के बाहर शौच के लिए गई थी। सुनसान जगह का फ़ायदा उठाते हुए, सोनवर्षा गाँव के रहने वाले दीपक और अजय वहाँ पहुँच गए। दोनों आरोपियों ने पहले छोटी बच्ची को डराकर भगा दिया, और फिर उस किशोरी के साथ सामूहिक बलात्कार जैसा जघन्य कृत्य किया। घटना के बाद, पीड़िता के परिजनों ने थाने में FIR दर्ज कराई।
**कानूनी प्रक्रिया और फ़ैसला**
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की, और जाँच अधिकारी द्वारा अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाख़िल किया गया। सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर, माननीय न्यायाधीश पंकज वर्मा ने दोनों युवकों को दोषी ठहराया। अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे अपराध समाज पर एक कलंक हैं और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती। इस फ़ैसले के बाद, क्षेत्र के लोगों ने न्यायपालिका के प्रति संतोष व्यक्त किया है।