पटना में इस सीजन डेंगू से तीसरी मौत, 23 साल के युवक ने PMCH में तोड़ा दम; संक्रमितों की संख्या 500 पार
पटना में डेंगू का संक्रमण लगातार चिंता बढ़ा रहा है। इस सीजन डेंगू से तीसरी मौत का मामला सामने आया है। 23 साल के एक युवक ने पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, शहर और आसपास के इलाकों में डेंगू संक्रमितों की संख्या 500 के पार पहुंच गई है।
युवक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने डेंगू पर नियंत्रण की चुनौती और बढ़ गई है। अस्पतालों में मरीजों के इलाज के साथ संक्रमण की रोकथाम को लेकर भी सतर्कता जरूरी हो गई है।
हालांकि, इस मौत को लेकर एक अहम बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, युवक के परिजनों को डेंगू का संदेह है, लेकिन मौत की वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। परिवार का कहना है कि युवक करीब एक महीने से बुखार से पीड़ित था। तबीयत बिगड़ने पर उसे PMCH में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी प्लेटलेट्स लगातार गिर रही थीं और शुक्रवार देर रात उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान मंजीत कुमार के रूप में हुई है। वह पटना के बुद्ध मार्ग के पास कमला नेहरू नगर का रहने वाला था। मंजीत के पिता मनोज कपाड़िया ने इलाके की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि घर के पीछे बने बड़े नाले में गंदगी जमा रहती है और आसपास कचरे का ढेर लगा रहता है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों का भी आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद इलाके में नियमित सफाई नहीं होती। उनका कहना है कि फॉगिंग और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव भी समय पर नहीं कराया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
पटना में 537 के पार पहुंचा डेंगू का आंकड़ा
पटना में डेंगू संक्रमितों की संख्या 537 के पार पहुंचने की जानकारी सामने आई है। जिला डेंगू-मलेरिया पदाधिकारी सुभाष प्रसाद के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में पांच नए मरीज मिले हैं। सितंबर से नवंबर तक का समय डेंगू संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी मच्छरों के पनपने की वजह बन सकता है।
स्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित इलाकों में निगरानी और फीवर सर्वे कराने की बात कही गई है। विभाग के अनुसार, संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है। वहीं, स्थानीय लोग सफाई व्यवस्था और मच्छर नियंत्रण अभियान को नियमित रूप से चलाने की मांग कर रहे हैं।
डेंगू से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
डेंगू से बचाव के लिए घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, पुराने टायर और पानी रखने वाले बर्तनों की नियमित सफाई करें। बुखार होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें। लगातार उल्टी, पेट में तेज दर्द, खून आने या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।