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पूर्णिया में बढ़ा ATM फ्रॉड का खतरा, बिना सुरक्षा गार्ड चल रहे एटीएम पर उठे सवाल

 

बिहार के Purnia जिले में एटीएम फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आरोप है कि बैंकों की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण अपराधी आसानी से लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। जिले के कई एटीएम बिना सुरक्षा गार्ड के संचालित हो रहे हैं, जिससे साइबर ठगों और अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं।

हाल ही में सामने आए एक मामले ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति के खाते से करीब 59 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित का आरोप है कि एटीएम पर सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था और मशीन के आसपास पर्याप्त निगरानी भी नहीं थी। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर ठगों ने वारदात को अंजाम दिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में कई एटीएम ऐसे हैं, जहां न तो सुरक्षा गार्ड तैनात हैं और न ही सीसीटीवी कैमरों की प्रभावी निगरानी होती है। कई जगहों पर कैमरे खराब पड़े हैं या उनकी मॉनिटरिंग सही तरीके से नहीं हो रही। ऐसे में लोग एटीएम इस्तेमाल करते समय खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

पीड़ित व्यक्ति ने बैंक और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन घटना के बाद लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बैंक केवल सुविधा देने का दावा करते हैं, लेकिन ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं दिखते।

विशेषज्ञों का मानना है कि एटीएम फ्रॉड की घटनाओं को रोकने के लिए बैंकों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी होगी। हर एटीएम पर सुरक्षा गार्ड, सक्रिय सीसीटीवी कैमरे और नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। इसके अलावा ग्राहकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एटीएम इस्तेमाल करते समय लोगों को अपना पिन किसी से साझा नहीं करना चाहिए और मशीन पर किसी संदिग्ध उपकरण या व्यक्ति पर नजर रखनी चाहिए। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी महसूस हो तो तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना देनी चाहिए।

इधर स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बैंक अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो एटीएम फ्रॉड की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। ग्राहकों का विश्वास बनाए रखने के लिए बैंकों को तकनीकी और मानव सुरक्षा दोनों स्तरों पर सुधार करने होंगे।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। वहीं इस घटना ने एक बार फिर बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था और ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।