बिहार पंचायत चुनाव में बदलेगा आरक्षण का फॉर्मूला, SC-ST की आबादी के हिसाब से तय होंगी सीटें; EBC के लिए भी बदलेगा समीकरण
बिहार पंचायत चुनाव 2026 में आरक्षण का नया रोस्टर तैयार किया जाएगा। SC-ST को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण मिलेगा, इसके बाद EBC के लिए आरक्षण तय होगा। पिछले पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग को 20 फीसदी आरक्षण मिला था।
बिहार में 2026 में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर आरक्षण की प्रक्रिया पर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार पंचायत चुनाव में आरक्षण का स्वरूप पहले के मुकाबले अलग हो सकता है। नए आरक्षण रोस्टर को तैयार करने में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की आबादी को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। इसके बाद अत्यंत पिछड़ा वर्ग यानी EBC के लिए आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा। पिछले पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग के लिए 20 फीसदी आरक्षण का प्रावधान रहा था।
जनसंख्या के अनुपात में मिलेगा SC-ST आरक्षण
आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया में सबसे पहले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की आबादी को देखा जाएगा। जिस क्षेत्र में इन वर्गों की जितनी आबादी होगी, उसी अनुपात में उनके लिए पद आरक्षित किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित क्षेत्र की जनसंख्या के आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा। इसके बाद बचने वाले पदों में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान लागू होगा।
इस व्यवस्था का असर ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य समेत अलग-अलग पदों के आरक्षण पर पड़ सकता है। आरक्षण का निर्धारण संबंधित स्तर और क्षेत्र की आबादी के आधार पर किया जाएगा।
EBC आरक्षण के लिए पहले तय होगा SC-ST का हिस्सा
नई व्यवस्था में EBC आरक्षण को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पहले SC और ST के लिए जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण तय होगा। इसके बाद शेष पदों में EBC के आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा। रिपोर्टों के मुताबिक, EBC के लिए करीब 20 फीसदी आरक्षण का प्रावधान रखा गया है। हालांकि अंतिम आरक्षण रोस्टर और सीटवार स्थिति संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
पिछले चुनाव में 20 फीसदी मिला था आरक्षण
पिछले पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग के लिए 20 फीसदी आरक्षण लागू था। आगामी चुनाव में आरक्षण चक्र में बदलाव के कारण कई सीटों की श्रेणी बदल सकती है। जो सीटें पहले किसी विशेष वर्ग के लिए आरक्षित थीं, वे इस बार दूसरी श्रेणी में जा सकती हैं। इसी तरह सामान्य सीटों में से भी कुछ सीटें आरक्षित श्रेणी में शामिल हो सकती हैं।
दो चुनाव के बाद बदलेगा आरक्षण चक्र
बिहार में पंचायत चुनाव के आरक्षण को लेकर रोटेशन व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। लगातार दो आम चुनावों में किसी पद के एक ही श्रेणी के लिए आरक्षित रहने के बाद आरक्षण चक्र में बदलाव किया जाता है। 2016 और 2021 के पंचायत चुनावों के बाद 2026 में नए सिरे से आरक्षण रोस्टर तैयार किया जाना है। इससे कई मौजूदा पंचायत प्रतिनिधियों की सीटों की श्रेणी बदलने की संभावना है।
महिलाओं के आरक्षण का भी रहेगा प्रावधान
पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान भी लागू रहेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बिहार में पंचायतों के विभिन्न पदों पर महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था है। यह आरक्षण अलग-अलग श्रेणियों में लागू किया जाता है।
कुल मिलाकर बिहार पंचायत चुनाव 2026 में आरक्षण का नया रोस्टर ग्रामीण राजनीति के समीकरण बदल सकता है। अब सभी की नजरें अंतिम आरक्षण सूची और सीटवार रोस्टर पर हैं। इसके जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किस पंचायत में कौन सा पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा।