मैट्रिक सेंटअप परीक्षा 23 नवंबर से होगी शुरू, 27 तक चलेंगी परीक्षाएं; 28 नवंबर को प्रैक्टिकल
मैट्रिक की सेंटअप परीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। परीक्षा 23 नवंबर से शुरू होकर 27 नवंबर तक आयोजित की जाएगी। वहीं, प्रायोगिक परीक्षा 28 नवंबर को होगी। परीक्षा समिति के अनुसार, लिखित परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी।
सेंटअप परीक्षा मैट्रिक के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण होती है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा की तैयारी और विषयों पर उनकी पकड़ का आकलन किया जाता है। परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को निर्धारित समय और परीक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना होगा।
दो पालियों में होगी लिखित परीक्षा
समिति की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे शुरू होगी और दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी। दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी।
विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें, ताकि प्रवेश और अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी हो सकें। परीक्षा शुरू होने के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार ही प्रवेश दिया जाएगा।
28 नवंबर को होगी प्रायोगिक परीक्षा
लिखित परीक्षा 23 से 27 नवंबर तक चलेगी। इसके अगले दिन यानी 28 नवंबर को प्रायोगिक परीक्षा आयोजित की जाएगी। प्रायोगिक परीक्षा में संबंधित विषयों के विद्यार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शामिल होना होगा।
विद्यार्थियों को अपने स्कूल से प्रायोगिक परीक्षा के समय, स्थान और जरूरी सामग्री की जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए।
विद्यार्थियों के लिए जरूरी है तैयारी
सेंटअप परीक्षा को हल्के में नहीं लेना चाहिए। विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले सभी विषयों का पाठ्यक्रम दोहराना चाहिए और पिछले प्रश्नपत्रों का अभ्यास करना चाहिए। समय प्रबंधन पर ध्यान देने के साथ कमजोर विषयों की नियमित तैयारी करना भी जरूरी है।
परीक्षा समिति की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार विद्यार्थियों को लिखित और प्रायोगिक दोनों परीक्षाओं की तैयारी निर्धारित समय के भीतर पूरी करनी होगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में परीक्षा का पूरा विषयवार कार्यक्रम और प्रवेश पत्र से संबंधित तारीखों का विवरण नहीं दिया गया है। विद्यार्थियों को इन जानकारियों के लिए अपने स्कूल से संपर्क करना चाहिए।