DMCH के हॉस्टलों में बदहाल व्यवस्था, कहीं जर्जर बिजली तार तो कहीं छत से टपक र
दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल यानी DMCH के हॉस्टलों में रहने वाले मेडिकल छात्रों को इन दिनों कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हॉस्टल परिसर में कहीं जर्जर बिजली के तार सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं तो कहीं बारिश के बाद जलजमाव की समस्या बनी रहती है। कई भवनों की छत और दीवारों से पानी टपकने की शिकायत भी सामने आई है। सबसे ज्यादा परेशानी PG Boys-1 हॉस्टल के छात्रों को हो रही है, जहां मार्च महीने से जनरेटर बंद पड़ा है।
छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में बिजली व्यवस्था पहले से ही खराब है। बिजली कटने के दौरान जनरेटर बंद रहने से पढ़ाई, ऑनलाइन काम और रोजमर्रा की जरूरी गतिविधियां प्रभावित होती हैं। रात के समय बिजली गुल होने पर छात्रों को अंधेरे में रहना पड़ता है। गर्मी और उमस के बीच बिजली नहीं रहने से कमरों में रहना भी मुश्किल हो जाता है।
मार्च से बंद है PG Boys-1 का जनरेटर
PG Boys-1 हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के अनुसार, यहां लगा जनरेटर मार्च से काम नहीं कर रहा है। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक इसे ठीक नहीं कराया गया। छात्रों का आरोप है कि जनरेटर की मरम्मत या वैकल्पिक बिजली व्यवस्था को लेकर हॉस्टल प्रशासन की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
छात्रों का कहना है कि मेडिकल की पढ़ाई में लंबे समय तक अध्ययन करना पड़ता है। ऐसे में बिजली की अनियमितता का सीधा असर पढ़ाई पर पड़ता है। परीक्षा के समय समस्या और बढ़ जाती है। बिजली कटने पर न तो पंखे चलते हैं और न ही जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल हो पाता है।
जर्जर बिजली तार से हादसे का खतरा
हॉस्टल के कई हिस्सों में बिजली के तार और इलेक्ट्रिकल फिटिंग पुराने होने की शिकायत है। कुछ जगहों पर तार खुले या जर्जर हालत में दिखाई देते हैं। छात्रों का कहना है कि बारिश के मौसम में नमी और पानी के बीच ऐसे तारों से करंट लगने या शॉर्ट सर्किट का खतरा बना रहता है।
छात्रों ने मांग की है कि हॉस्टल की पूरी बिजली व्यवस्था का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। पुराने तारों को बदला जाए और सभी कमरों व कॉमन एरिया में सुरक्षित वायरिंग की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही अग्निशमन उपकरणों और इमरजेंसी लाइटिंग की भी जांच जरूरी है।
वेस्ट हॉस्टल की छत से टपकता है पानी
वेस्ट हॉस्टल में भी छात्रों की परेशानी कम नहीं है। यहां बारिश के दौरान छत से पानी टपकने की शिकायत सामने आई है। कई कमरों में सीलन और नमी बनी रहती है। इससे छात्रों के सामान, किताबों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।
छात्रों के मुताबिक, छत से पानी टपकने के कारण कमरों में रहना मुश्किल हो जाता है। कई बार फर्श पर पानी जमा हो जाता है, जिससे फिसलने का खतरा भी बना रहता है। उनका कहना है कि भवन की छत की मरम्मत और वाटरप्रूफिंग का काम जल्द कराया जाना चाहिए।
बारिश में जलजमाव से बढ़ती परेशानी
DMCH परिसर में बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या पहले भी सामने आती रही है। हॉस्टल के आसपास पानी जमा होने से छात्रों को आने-जाने में परेशानी होती है। गंदे पानी और कीचड़ के कारण संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। छात्रों ने जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और नियमित सफाई कराने की मांग की है।
मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों का कहना है कि उनसे हॉस्टल शुल्क लिया जाता है, इसलिए उन्हें सुरक्षित और बुनियादी सुविधाओं से युक्त आवास मिलना चाहिए। छात्रों ने प्रशासन से बिजली, जनरेटर, जलनिकासी, छत की मरम्मत और जर्जर तारों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। अब देखना होगा कि हॉस्टल प्रशासन इन शिकायतों पर कब तक कार्रवाई करता है।