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सावन में सजेगा सुल्तानगंज का मेला, उत्तरवाहिनी गंगा से जल भर 117 किमी की कांवड़ यात्रा पर निकलेंगे लाखों श्रद्धालु

 

सावन महीने के आगमन के साथ ही बिहार के भागलपुर जिले का सुल्तानगंज धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र बन जाता है। इस बार 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले सावन माह में यहां भव्य मेले का आयोजन होगा। देशभर से लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की आराधना करेंगे और कांवड़ यात्रा की शुरुआत करेंगे।

सुल्तानगंज में भक्त सबसे पहले प्रसिद्ध बाबा अजगैबीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं। इसके बाद पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर कांवड़ उठाते हैं और भगवान शिव को जल अर्पित करने के लिए करीब 117 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा पर निकल पड़ते हैं।

उत्तरवाहिनी गंगा का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुल्तानगंज में गंगा उत्त दिशा की ओर बहती हैं, जिसे बेहद पवित्र माना जाता है। यही कारण है कि हर साल सावन के दौरान यहां बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचते हैं और गंगाजल लेकर बाबा धाम की ओर रवाना होते हैं।कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ आगे बढ़ते हैं। रास्ते भर सेवा शिविर, भोजन और विश्राम की व्यवस्थाएं भी की जाती हैं।

सावन मेले को लेकर तैयारियां शुरू

सावन मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए जाएंगे।मेले के दौरान सुल्तानगंज और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाती है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

कांवड़ यात्रा में उमड़ता है आस्था का सैलाब

सावन के महीने में सुल्तानगंज से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा देश की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल है। हर उम्र के श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं और भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं।117 किलोमीटर की इस कठिन यात्रा को भक्त पूरी आस्था और उत्साह के साथ पूरा करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई यह यात्रा भगवान शिव की कृपा दिलाती है।इस बार भी सावन मेले को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं, ताकि लाखों श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम तरीके से अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।