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बुजुर्ग ने लगाया गंभीर आरोप, नशीला पदार्थ खिलाकर जमीन हड़पने का दावा, जनता दरबार में पहुंचकर लगाई गुहार

 

बिहार में जमीन विवाद और धोखाधड़ी से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मधेपुरा जिले के मुरलीगंज निवासी 76 वर्षीय जगदीश मुखिया ने आरोप लगाया है कि उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर उनकी जमीन हड़प ली गई। न्याय की मांग को लेकर वे पटना पहुंचे और मुख्यमंत्री के जनता दरबार में अपनी शिकायत दर्ज कराई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जगदीश मुखिया ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने साजिश के तहत उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर उनकी जमीन से जुड़े दस्तावेजों और संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया। बुजुर्ग का कहना है कि जब उन्हें होश आया तो उनके नाम की जमीन पर दूसरे लोगों का कब्जा हो चुका था और उनके पास कानूनी दस्तावेजों तक पहुंच सीमित कर दी गई।

पीड़ित बुजुर्ग ने बताया कि वे लंबे समय से इस मामले में न्याय पाने के लिए स्थानीय प्रशासन और थानों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण वे अपनी शिकायत लेकर सीधे पटना पहुंचे और उच्च स्तर पर न्याय की गुहार लगाई।

इस मामले को लेकर जनता दरबार में उपस्थित अधिकारियों ने उनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिला प्रशासन को जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि बिहार में जमीन विवाद के मामले लगातार सामने आते रहते हैं, जहां अक्सर धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और कब्जे जैसे आरोप लगाए जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की कमी और कानूनी जानकारी के अभाव के कारण ऐसे विवाद बढ़ते हैं।

जगदीश मुखिया के मामले ने एक बार फिर इस गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है कि किस तरह कमजोर और बुजुर्ग लोगों को निशाना बनाकर उनकी संपत्ति पर अवैध कब्जा किया जाता है। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शिकायत की जांच के लिए संबंधित जिले से रिपोर्ट मांगी जाएगी और जमीन के रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी। इसके बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल, पीड़ित बुजुर्ग को आश्वासन दिया गया है कि उनकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई होगी और यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।