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प्रधान सचिव के हस्तक्षेप से सुलझा भवन का विवाद, एलएनजेपी हड्डी अस्पताल के नए भवन का होगा हैंडओवर

 

एलएनजेपी हड्डी अस्पताल के 400 बेड वाले नए भवन के हैंडओवर को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार सुलझ गया। मामले को लेकर दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव कुमार ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर भवन के हैंडओवर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।

दरअसल, एलएनजेपी हड्डी अस्पताल के लिए तैयार किए गए 400 बेड वाले नए भवन के हैंडओवर को लेकर लंबे समय से स्थिति स्पष्ट नहीं थी। भवन तैयार होने के बावजूद उसके उपयोग और औपचारिक हैंडओवर को लेकर संबंधित विभागों के बीच मामला अटका हुआ था। इससे अस्पताल की नई सुविधा शुरू होने में देरी की स्थिति बनी हुई थी।

मामले की जानकारी सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव कुमार ने पूरे मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली और विवाद को जल्द सुलझाने के निर्देश दिए।

प्रधान सचिव के हस्तक्षेप के बाद भवन के हैंडओवर को लेकर बनी अड़चन दूर कर दी गई। अब नए भवन को अस्पताल के उपयोग में लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। 400 बेड की क्षमता वाले इस भवन के शुरू होने से अस्पताल में मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और बेड की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

नए भवन के शुरू होने से हड्डी संबंधी इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भी राहत मिल सकती है। अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण अतिरिक्त बेड और बेहतर आधारभूत सुविधाओं की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। ऐसे में नए भवन का उपयोग शुरू होना अस्पताल के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर अब हैंडओवर से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके बाद भवन में अस्पताल की आवश्यक व्यवस्थाएं शुरू की जा सकेंगी। अधिकारियों की ओर से भवन की सुविधाओं और जरूरी संसाधनों की भी समीक्षा की जाएगी।

इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के हस्तक्षेप के बाद विवाद का समाधान होने से अस्पताल प्रशासन को राहत मिली है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि 400 बेड वाले नए भवन को मरीजों के लिए पूरी तरह कब शुरू किया जाता है।