×

बिहार विधानसभा का बजट सत्र हंगामेदार माहौल में शुरू, विपक्ष ने NEET छात्रा केस को बनाया मुद्दा

 

बिहार विधानसभा का बजट सत्र हंगामेदार माहौल में सोमवार से शुरू हुआ। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, जो हाल ही में पैर के ऑपरेशन से उबर रहे हैं, व्हीलचेयर पर विधानसभा पहुँचे, जिससे विपक्षी दलों और आम जनता को राजनीतिक सक्रियता का संदेश मिला। उनके इस कदम ने विधानसभा के पहले दिन का माहौल और भी संवेदनशील और जीवंत बना दिया।

सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई। राज्यपाल ने अभिभाषण में राज्य के विकास, कानून-व्यवस्था और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर जोर दिया। इसके बाद वित्त मंत्री द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा, जिसमें राज्य की वित्तीय स्थिति, राजस्व संग्रह और विकास परियोजनाओं का विस्तृत विवरण होगा।

पहले दिन विधानसभा में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया, विशेष रूप से पटना में हुए NEET छात्रा रेप-मौत मामले को लेकर। विपक्ष ने दोषियों को फांसी देने और इस मामले में CBI जांच की निगरानी की मांग की। इसके अलावा, शिक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा गया। विपक्षी दलों का कहना है कि यह सत्र जनता के सामने सरकार की जवाबदेही तय करने का मंच है।

सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की उपस्थिति ने विपक्ष को नई ऊर्जा दी। उनके व्हीलचेयर पर आने के बावजूद सत्र में सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि वे किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही विपक्ष ने सरकार पर दबाव बनाने और संवेदनशील मामलों पर सवाल उठाने की रणनीति बनाई है।

सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। सभी सदस्यों के प्रवेश और मतदान की प्रक्रिया पर ध्यान रखा गया। मीडिया और आम जनता के लिए भी उचित व्यवस्था की गई, ताकि सत्र की कार्यवाही पारदर्शी और खुले तौर पर देखी जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि बजट सत्र हमेशा राजनीतिक बहस और टकराव का मंच होता है, लेकिन इस बार विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन और नेता प्रतिपक्ष की सक्रियता इसे असामान्य रूप से हंगामेदार बना रही है। आर्थिक सर्वेक्षण और बजट पेश होने के साथ ही यह सत्र राज्य की वित्तीय और राजनीतिक दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

स्थानीय नागरिक और राजनीतिक विश्लेषक इस सत्र पर विशेष नजर रखे हुए हैं। उनका कहना है कि NEET छात्रा मामले जैसी संवेदनशील घटनाओं पर उठाए गए सवाल और सरकार की प्रतिक्रिया न केवल विधानसभा की कार्यवाही को प्रभावित करेंगे, बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था और न्यायपालिका पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे।

बजट सत्र के अगले दिनों में विपक्ष के लगातार उठाए जाने वाले मुद्दे, बजट पर बहस और सरकार की जवाबदेही इस सत्र को विधानसभा इतिहास में विशेष महत्व देंगे। यह स्पष्ट है कि इस हंगामेदार सत्र में राजनीतिक लड़ाई और संवेदनशील मुद्दों पर बहस राज्य की जनता के लिए महत्वपूर्ण संदेश लेकर आएगी।