पटना के गायघाट में भीषण जाम से निपटने प्रशासन ने उठाए सख्त कदम
बिहार की राजधानी पटना के गायघाट क्षेत्र में भीषण यातायात जाम की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अधिकारियों ने कहा कि जाम की समस्या को तुरंत नियंत्रित करने के लिए अतिक्रमण हटाने और अधिकृत स्टैंड बनाने का निर्णय लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, अशोक राजपथ पर अवैध रूप से संचालित हो रहे टेंपो स्टैंडों को हटाया जाएगा। इसके स्थान पर उत्तर-दक्षिण दिशा में नए और अधिकृत टेंपो स्टैंड बनाए जाएंगे, ताकि यातायात सुचारु रूप से चल सके और लोगों को यात्रा में असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा, गांधी सेतु के नीचे से अतिक्रमण हटाने की भी योजना बनाई गई है। इसके तहत मार्ग में फैले अवैध कब्जे और दुकानों को हटाया जाएगा, ताकि वाहनों की आवाजाही में बाधा न आए। प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रमुख मार्गों और पुलों पर यातायात की गति बनाए रखी जाए।
स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों की सुविधा के लिए डंका इमली मंडी को भी शिफ्ट किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि मंडी को नए स्थान पर स्थानांतरित करने से भीड़ और जाम की समस्या कम होगी और यातायात सुचारु रहेगा।
एसडीओ और एएसपी ने स्थल निरीक्षण किया और अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई न केवल यातायात सुचारू करने के लिए है, बल्कि शहरवासियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए भी जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में भीड़ और जाम की समस्या अतिक्रमण और अनियंत्रित वाहन संचालन के कारण बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रशासन की इस पहल की सराहना की और कहा कि इससे सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को समय पर यात्रा की सुविधा मिलेगी।
स्थानीय लोग भी इस निर्णय से राहत महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से गायघाट क्षेत्र में जाम की समस्या ने यातायात और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित किया था। अब प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों से उम्मीद जताई जा रही है कि क्षेत्र में यातायात की समस्या कम होगी और शहर की सड़कों पर बहाव सामान्य होगा।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऐसे कदम समय-समय पर उठाए जाएंगे और शहर में अतिक्रमण रोकने और यातायात को नियंत्रित करने के लिए निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
गायघाट क्षेत्र की यह पहल यह दर्शाती है कि प्रशासन यातायात सुगमता और नागरिक सुविधा के लिए सक्रिय है। इसके सफल क्रियान्वयन से न केवल जाम कम होगा, बल्कि शहरवासियों में प्रशासन के प्रति विश्वास और संतोष भी बढ़ेगा।