तकनीकी शिक्षा से युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते, डिग्री के साथ स्किल जरूरी: संतोष सुमन
गयाजी में शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में लघु जल संसाधन मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने युवाओं की शिक्षा और रोजगार को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। युवाओं को डिग्री के साथ तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक कौशल भी हासिल करना होगा। तकनीकी शिक्षा युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल सकती है।
डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि मौजूदा समय में रोजगार के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है। उद्योगों और कंपनियों को ऐसे युवाओं की जरूरत है, जिनके पास शैक्षणिक योग्यता के साथ किसी विशेष क्षेत्र में काम करने की तकनीकी क्षमता भी हो। ऐसे में छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ अपने कौशल विकास पर भी ध्यान देना चाहिए।
डिग्री के साथ तकनीकी दक्षता पर जोर
मंत्री ने कहा कि तकनीकी शिक्षा युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कंप्यूटर, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, डिजिटल तकनीक और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण हासिल करने वाले युवाओं के सामने रोजगार के कई विकल्प खुल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार तकनीकी क्षेत्र का चयन करना चाहिए। केवल परीक्षा पास करने या डिग्री हासिल करने के बजाय उन्हें ऐसी स्किल विकसित करनी चाहिए, जिसका इस्तेमाल वे वास्तविक कार्यक्षेत्र में कर सकें।
बदलते रोजगार बाजार के अनुसार जरूरी है कौशल
डॉ. सुमन ने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ रोजगार की प्रकृति भी बदल रही है। नई तकनीकों के आने से कई नए क्षेत्रों में अवसर पैदा हो रहे हैं। ऐसे में युवाओं के लिए समय के साथ अपनी तकनीकी क्षमता को विकसित करते रहना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों को भी विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण पर ध्यान देना चाहिए। इससे पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं को रोजगार हासिल करने में मदद मिल सकती है।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
मंत्री ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान के माध्यम से युवा नौकरी के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी शिक्षा के साथ नए कौशल सीखने पर ध्यान दें और बदलती तकनीक के अनुरूप खुद को तैयार करें। उनके मुताबिक, डिग्री और तकनीकी दक्षता का संयोजन युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर तैयार कर सकता है।