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औरंगाबाद में निलंबित लिपिक ने तोड़ा सिविल सर्जन कार्यालय का ताला, कागजात लेने घुसा तो अंदर ही हुआ बंद; दो संस्थानों से वेतन लेने का आरोप

 

बिहार के औरंगाबाद में सिविल सर्जन (CS) कार्यालय से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां निलंबित एक लिपिक ने कथित तौर पर कार्यालय का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। बताया जा रहा है कि वह अपने कागजात लेने के लिए कार्यालय में घुसा था, लेकिन अंदर जाने के बाद वहीं बंद हो गया। संबंधित लिपिक पहले से ही दो सरकारी संस्थानों से वेतन लेने के आरोप में निलंबित चल रहा है। घटना के बाद कार्यालय परिसर में मामला चर्चा का विषय बन गया।

कागजात लेने के लिए कार्यालय में घुसा लिपिक

मिली जानकारी के अनुसार, औरंगाबाद के सिविल सर्जन कार्यालय में यह घटना उस समय हुई, जब निलंबित लिपिक अपने जरूरी कागजात लेने पहुंचा। आरोप है कि कार्यालय का ताला बंद होने के कारण उसने उसे तोड़ दिया और अंदर प्रवेश कर गया।

हालांकि, कार्यालय के अंदर जाने के बाद वह वहीं बंद हो गया। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच चर्चा शुरू हो गई। मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि लिपिक अंदर किस परिस्थिति में बंद हुआ और उसे बाहर निकालने के लिए क्या कदम उठाए गए।

दो सरकारी संस्थानों से वेतन लेने का आरोप

संबंधित लिपिक पर दो सरकारी संस्थानों से वेतन लेने का आरोप है। इसी मामले में उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे पहले ही निलंबित किया जा चुका है। सरकारी सेवा में एक ही अवधि के दौरान दो संस्थानों से वेतन लेने के आरोप की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

ऐसे मामलों में नियुक्ति संबंधी दस्तावेज, उपस्थिति रिकॉर्ड, वेतन भुगतान के विवरण और विभागीय आदेशों की जांच की जाती है। हालांकि, इस मामले में आरोपों से संबंधित विस्तृत विभागीय रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

कार्यालय का ताला तोड़ने के मामले में उठे सवाल

निलंबित लिपिक द्वारा कार्यालय का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने के आरोप ने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सरकारी कार्यालय में प्रवेश और दस्तावेज प्राप्त करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि लिपिक ने ताला तोड़ने का कदम क्यों उठाया और क्या उसने कागजात प्राप्त करने के लिए अधिकारियों से संपर्क किया था।

मामले में कार्यालय प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई और पुलिस को सूचना दिए जाने के संबंध में भी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

फिलहाल, इस घटना में दो पहलू महत्वपूर्ण हैं—दो सरकारी संस्थानों से वेतन लेने के आरोप में लिपिक का पहले से निलंबित होना और इसके बाद सिविल सर्जन कार्यालय का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने की घटना। संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक बयान के बाद मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।