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आपूर्ति अधिकारी आज से काला बिल्ला लगाकर करेंगे काम, 11 लाख नए राशन कार्ड के लक्ष्य पर सरकार से टकराव

 

बिहार में 11 लाख नए राशन कार्ड बनाने के लक्ष्य को लेकर आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। लक्ष्य को लेकर विरोध जताते हुए आपूर्ति अधिकारी आज से काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे। अधिकारियों के संगठन ने सरकार के निर्देश पर आपत्ति जताते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराने का फैसला किया है।

आपूर्ति अधिकारियों का कहना है कि पहले से मौजूद विभागीय जिम्मेदारियों के बीच बड़ी संख्या में नए राशन कार्ड बनाने का अतिरिक्त लक्ष्य पूरा करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण है। इसी मुद्दे को लेकर संगठन और सरकार के बीच सहमति नहीं बन पाई है।

11 लाख नए राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य

सरकार की ओर से राज्य में 11 लाख नए राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना है।

लक्ष्य पूरा करने की जिम्मेदारी आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी है। अधिकारियों का कहना है कि इस काम के लिए अतिरिक्त संसाधन और पर्याप्त कर्मचारियों की जरूरत है।

काला बिल्ला लगाकर जताएंगे विरोध

सरकार के निर्देश के विरोध में आपूर्ति अधिकारी काला बिल्ला लगाकर कार्यालय में काम करेंगे। संगठन का कहना है कि यह विरोध फिलहाल सांकेतिक रूप से किया जा रहा है, ताकि सरकार तक उनकी समस्याएं पहुंच सकें।

अधिकारियों ने अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर सरकार से बातचीत की मांग की है। उनका कहना है कि विभागीय कामकाज प्रभावित किए बिना नए लक्ष्य को पूरा करने के लिए व्यावहारिक व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।

काम के अतिरिक्त दबाव की शिकायत

आपूर्ति अधिकारियों का कहना है कि राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया में आवेदन की जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और पात्रता की पुष्टि जैसे कई स्तर शामिल हैं। ऐसे में 11 लाख नए राशन कार्ड का लक्ष्य पूरा करने के लिए पर्याप्त समय और संसाधन जरूरी हैं।

अधिकारियों का आरोप है कि अतिरिक्त लक्ष्य के कारण उन पर काम का दबाव बढ़ेगा। उन्होंने सरकार से लक्ष्य को लेकर पुनर्विचार करने या अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।

सरकार और संघ के बीच बढ़ा विवाद

राशन कार्ड के लक्ष्य को लेकर सरकार और आपूर्ति अधिकारियों के संघ के बीच मतभेद अब विरोध प्रदर्शन तक पहुंच गया है। काला बिल्ला लगाकर काम करने का फैसला इसी विरोध का हिस्सा है।

अब देखना होगा कि सरकार अधिकारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है। यदि दोनों पक्षों के बीच जल्द सहमति नहीं बनी तो विरोध का स्वरूप आगे और बड़ा हो सकता है। फिलहाल अधिकारी काला बिल्ला लगाकर अपनी ड्यूटी करते हुए सरकार के सामने अपनी नाराजगी दर्ज कराएंगे।